राजनीति

‘नवयुवक दल’ का उदय: युवाओं के अधिकारों की लड़ाई या राजनीतिक तिलिस्म?

युवाओं की राजनीति का नया दावा

निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क

लखनऊ के यूपी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में ‘नवयुवक दल’ का औपचारिक शंखनाद हुआ। दल के अध्यक्ष भरत कात्यायन ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी युवाओं के शोषण के खिलाफ शिक्षा, रोजगार और सतत विकास के लिए निर्णायक संघर्ष करेगी। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस नए दल को लेकर यह चर्चा भी गरम है कि पारंपरिक दलों की आलोचना और आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत के पीछे कहीं यह सत्ताधारी दल का कोई गुप्त तिलिस्म या वोट-विभाजन का पैंतरा तो नहीं है।

युवाओं के शोषण और भटकाव की राजनीति पर हमला

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भरत कात्यायन ने कहा कि पुराने और नए राजनीतिक दल अपने निजी फायदे के लिए युवाओं को जाति, पंथ और धर्म के नाम पर बांटकर उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। नवयुवक दल भटकाव के शिकार युवाओं को एक सशक्त और निष्पक्ष मंच प्रदान करेगा, जहाँ से वे अपने हक की आवाज निर्भीक होकर उठा सकेंगे।

रोजगार के वास्तविक आंकड़ों और स्वतंत्र नेतृत्व की मांग

दल ने मांग रखी कि देश में नौकरियों और रोजगार से जुड़े वास्तविक आंकड़े पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किए जाएं, ताकि युवाओं की सही स्थिति स्पष्ट हो सके। कात्यायन ने दावा किया कि यह दल पूरी तरह युवाओं के हाथों में रहेगा और किसी अन्य राजनीतिक दल या आका के इशारे पर नहीं चलेगा।

संगठनात्मक विस्तार: प्रमुख पदों पर नई नियुक्तियां

संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए सर्वेश कुमार सिंह को प्रदेश प्रभारी, अनुग्रह नारायण सिंह को प्रदेश महामंत्री एवं रणनीतिक प्रभारी, अमित श्रीवास्तव को प्रदेश मीडिया प्रभारी, संतोष सिंह चौहान को प्रदेश उपाध्यक्ष, नातीत तिवारी सिंह को प्रदेश महामंत्री तथा विनय खण्डेलवाल को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। प्रेसवार्ता में महामंत्री विन्ध्यवासिनी श्री सानंद एवं प्रदेश मंत्री नितेश दीपक खेर भी मौजूद रहे।

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