शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र: सीजेपी आंदोलन की बड़ी जीत
शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने के बाद भी आंदोलन जारी, नई मांगों ने बढ़ाया सरकार पर दबाव

निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर त्यागपत्र जारी करते हुए लिखा कि यह निर्णय देश के युवाओं के हित और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लिया गया है।
आंदोलन का द्वितीय चरण: न्याय की नई लड़ाई
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने इसे लोकतंत्र और छात्र शक्ति की प्रथम चरण की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। हालांकि, सीजेपी नेतृत्व का स्पष्ट कहना है कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। संगठन ने दूसरे चरण की मांगें रखते हुए पेपर लीक से आहत होकर प्राण गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
20 जुलाई की पुलिस बर्बरता पर सख्त कार्रवाई की मांग
सीजेपी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिसिया बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि प्रशासनिक दमन के जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
विपक्ष का मिला अटूट राजनीतिक संबल
इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का खुला और मजबूत समर्थन आंदोलनकारियों को मिला। विपक्ष के इस शक्तिशाली गोलबंदी ने सरकार पर चौतरफा दबाव बनाया, जिसके फलस्वरूप छात्रों के आंदोलन को शीघ्र और प्रभावी सफलता प्राप्त हुई है।




