विरासत से व्यवसाय तक
CII के विशेष संवाद में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने की भारत की जीवित परंपराओं और उद्यमिता की बात

निश्चय टाइम्स डेस्क |
राजधानी लखनऊ में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) उत्तर प्रदेश द्वारा “विरासत, पारंपरिक उद्यम और 21वीं सदी के भारत में उद्यमिता” विषय पर एक भव्य और विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय मंच पर पर्यटन, व्यवसाय और शासन से जुड़े देश-दुनिया के दिग्गज एकीभूत हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह चर्चा करना था कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक थाती को संरक्षित करते हुए कैसे नए रोजगार, व्यवसाय और आधुनिक उद्यमिता के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
विरासत को आधुनिकता और आजीविका से जोड़ने पर जोर
मेवाड़ के 77वें संरक्षक श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उत्तर प्रदेश शासन के पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमृत अभिजात, IAS की गरिमामयी उपस्थिति ने इस सत्र को ऐतिहासिक बना दिया। डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विरासत को केवल अतीत की वस्तु नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह एक ‘जीवित परंपरा’ है जो आज भी हमारे समाज और अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे सकती है। उन्होंने युवाओं से परंपराओं को संजोते हुए नवाचार अपनाने की अपील की।
श्री अमृत अभिजात ने उत्तर प्रदेश की पर्यटन संपदा की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यटन स्थलों के संरक्षण के साथ स्थानीय आर्थिक विकास को गति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उद्योग जगत के दिग्गजों के विचार
CII उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री अभिषेक सराफ और Yi लखनऊ के संस्थापक अध्यक्ष श्री गौरव प्रकाश ने कहा कि सरकार, उद्योग और विरासत संरक्षकों के आपसी सहयोग से हम ऐतिहासिक स्थलों को बेहतरीन टूरिज्म हब में बदल सकते हैं। इस संवाद में ऐतिहासिक संपत्तियों के संरक्षण, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक प्रबंधन से जोड़ने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।



