पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सिस्टेमेटिक तरीके से किया गया बर्बाद: अखिलेश यादव

अखिलेश यादव, 2027 में जनता देगी करारा जवाब
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राजनीतिक फायदों के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिकता और जातिगत विभाजन पैदा कर सोची-समझी रणनीति के तहत यहां की अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने खेती-किसानी, पारंपरिक उद्योगों, हैंडीक्राफ्ट और निर्यात व्यवसाय को पूरी तरह तबाह कर दिया है। राज्य में सरकारी नौकरियों के दरवाजे बंद हैं, शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और खेल तथा कला को उचित प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा शासनकाल में किसानों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं और उनकी उपजाऊ जमीनें छीने जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जीएसटी के जटिल और भ्रष्ट तंत्र के जरिए छोटे व्यापारियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है, जबकि खिलाड़ियों का अपमान आम बात हो गई है। शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने की साजिश के तहत स्कूल और संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध दस्तकारी और हस्तकला को जानबूझकर खत्म किया जा रहा है, और अमेरिकी व्यापार समझौतों (डील) का सबसे बुरा असर इसी क्षेत्र के किसानों और मुरादाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर तथा मेरठ जैसे प्रमुख औद्योगिक नगरों के कारखानों पर पड़ा है, जहां टैरिफ बढ़ने से कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सौहार्द को बिगाड़कर कारोबारियों में डर का माहौल पैदा किया गया है। श्रमिक वर्ग में असंतोष बढ़ने दिया गया ताकि कारखाने बंद हो जाएं। उन्होंने कहा कि जनता पर हो रहे अत्याचार और उत्पीड़न का बदला अब मतदाता 2027 के विधानसभा चुनाव में लेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इस बार सबसे अप्रत्याशित और चौंकाने वाले राजनीतिक परिणाम सामने आएंगे, क्योंकि क्षेत्र के किसान, मजदूर, हस्तकार, युवा, महिलाएं, खिलाड़ी, व्यापारी और उद्योगपति अब पूरी तरह जागरूक हो चुके हैं और किसी के बहकावे में आने वाले नहीं हैं।



