मनोरंजन

ग़ज़लों की महफ़िल में सजी अदब और सम्मान की शाम

विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ संस्कृति और समाज सेवा का संदेश

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

लखनऊ, 31 जुलाई। राजधानी के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में गुरुवार को एक पहल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित “शाम-ए-खास” कार्यक्रम कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का यादगार संगम बन गया। ग़ज़लों की मधुर प्रस्तुतियों, विशिष्ट अतिथियों के प्रेरक विचारों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं के सम्मान ने पूरे आयोजन को गरिमामय बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष नटवर गोयल ने सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा, योग्यता और कर्म को राष्ट्रहित में समर्पित करे, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत का लक्ष्य साकार होगा।

विशिष्ट अतिथि पीसीएस अधिकारी स्वाति गुप्ता ने भी अपने संबोधन में समाज निर्माण में संस्कृति, साहित्य और सामाजिक संगठनों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम की सबसे आकर्षक प्रस्तुति ग़ज़ल संध्या रही, जिसमें सैय्यद बिलाल नूरानी, फुरकान अहमद, डॉ. रमेश चंद्रा, डॉ. नफीस अहमद, अशफाक मखदूम और नईम अहमद ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर तक मंत्रमुग्ध रखा। सुर, शब्द और एहसास के अद्भुत संगम ने पूरे सभागार को साहित्यिक वातावरण से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर सौरभ शर्मा, महेंद्र कुमार, शिल्पी सक्सेना, प्रीति कुमार, जारा शेख और आसिफा अहमद सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने समाज सेवा, संस्कृति और रचनात्मक कार्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों के योगदान को नई पहचान दी।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों ने भविष्य में भी इसी प्रकार के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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