अल-नीनो की चुनौती पर मोदी सरकार का ‘मिशन मोड’: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद संभाल रहे कमान

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
अल-नीनो के कारण मानसून पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादलों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में केंद्र सरकार पूरी तत्परता और रणनीतिक ग्राउंड एक्शन के साथ कृषि क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करने में जुट गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रत्येक सप्ताह स्वयं हाई-लेवल मॉनिटरिंग कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया है कि चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन हमारा प्रशासनिक और कृषि तंत्र किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
जुलाई में मानसून की रिकवरी से बड़ी राहत; कम वर्षा वाले जिलों का ग्राफ २६२ से घटकर १७८ पर आया
समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली में मीडिया से औपचारिक संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बताया कि जून में जहां सामान्य से ३३ प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी, वहीं जुलाई में स्थिति सुधरी है और यह कमी अब घटकर २४ प्रतिशत रह गई है। हालिया देशव्यापी वर्षा के कारण कम वर्षा वाले जिलों की संख्या भी २६२ से गिरकर १७८ हो गई है। सरकार वर्तमान में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक सहित कुल १३ कृषि प्रधान राज्यों पर विशेष और निरंतर निगरानी रख रही है।
बुवाई के अंतर को पाटने की मुकम्मल तैयारी; कम अवधि वाली फसलों और वैकल्पिक कृषि पर जोर
श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश में अब तक ३५०.८५ लाख हेक्टेयर में खरीफ बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब ९१.९५ लाख हेक्टेयर कम है। मानसून के विलंब से सोयाबीन और कपास प्रभावित हुए हैं, जिसके निवारण हेतु किसानों को मक्का, बाजरा और मूंग जैसी कम पानी और कम अवधि वाली फसलों की बुवाई की रणनीतिक सलाह दी जा रही है। आईसीएआर (ICAR) के सहयोग से सभी संभावित प्रभावित जिलों के लिए ‘कंटिंजेंसी प्लान’ तैयार कर राज्यों को सौंप दिए गए हैं। जून में चले “खेत बचाओ अभियान” से ८० लाख से अधिक किसानों को सीधे जोड़ा गया है।
१.७५ लाख क्विंटल का ‘राष्ट्रीय बीज भंडार’ आरक्षित; बीमा और केसीसी का बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच
भारतीय कृषि को संबल देने के लिए सरकार ने १.७५ लाख क्विंटल बीजों का विशाल राष्ट्रीय रिज़र्व स्टॉक तैयार रखा है। इसके साथ ही, वित्तीय समावेशन को गति देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अभियान के तहत ३० जून तक प्राप्त १.१४ लाख आवेदनों में से ९४ हजार से अधिक को स्वीकृत कर वित्तीय तरलता सुनिश्चित की गई है। फसलों को जोखिम से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सुरक्षा कवच भी विस्तृत किया जा रहा है। वर्तमान में अल-नीनो मॉनिटरिंग सेल और क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप चौबीसों घंटे ग्राउंड एक्शन पर नजर बनाए हुए हैं।



