खेती-किसानी

केमिकल खादों को कहें ‘बाय-बाय’! CISH निदेशक डॉ. दामोदरन ने जैविक खेती के लिए सुझाया ‘ग्रोश्योर’ (GrowSure) का अचूक नुस्खा

मलिहाबाद के माधवापुर में "खेत बचाओ अभियान" का शंखनाद; ढैंचा बीज और सॉइल हेल्थ कार्ड पाकर खिले किसानों के चेहरे

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क:

मलिहाबाद के ग्रामीण इलाकों में मिट्टी की सेहत सुधारने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एक बेहद प्रभावी मुहिम शुरू की गई है। क्षेत्र के माधवापुर गाँव में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत एक भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में उपस्थित दर्जनों किसानों को हरी खाद, प्राकृतिक खेती और बायो-फर्टिलाइज़र (जैविक खाद) के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।

मिट्टी की सेहत सुधारेगा ‘ग्रोश्योर’ (GrowSure) फॉर्मूला गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन ने टिकाऊ फसल उत्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध केमिकल फर्टिलाइज़र (रासायनिक खादों) के इस्तेमाल से हमारी ज़मीन बंजर हो रही है। डॉ. दामोदरन ने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने के लिए संस्थान द्वारा विकसित ‘ग्रोश्योर’ (GrowSure) और अन्य बायो-फर्टिलाइज़र को अपनाएं, जिससे खेती की लागत कम होगी और पैदावार बढ़ेगी।

54 किसानों ने लिया प्रशिक्षण, बांटे गए बीज और हेल्थ कार्ड इस जागरूक कार्यक्रम का कुशल आयोजन डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. कमलेश कुमार और डॉ. दीप्ति तिवारी की टीम द्वारा किया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ सीधे संवाद कर ‘खेत बचाओ अभियान’ से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में गोष्ठी में हिस्सा लेने वाले सभी 54 लाभार्थी किसानों को उनकी जमीनों के ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) और हरी खाद के लिए ‘ढैंचा के बीज’ मुफ्त वितरित किए गए।

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