55 केंद्रों पर तीसरी आंख का पहरा, सीसीटीवी से ‘स्मार्ट मॉनिटरिंग’; मुन्नाभाइयों के मंसूबों पर फिरा पानी
लखनऊ में खाकी भर्ती का महा-इम्तिहान: जिलाधिकारी विशाख जी और कमिश्नर बबलू कुमार ने केंद्रों पर मारा छापा, मठाधीशों में खलबली!

निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश में सबसे बहुप्रतीक्षित और हाई-वोल्टेज ‘यूपी पुलिस आरक्षी सीधी भर्ती 2025’ की लिखित परीक्षा के पहले दिन राजधानी लखनऊ के परीक्षा केंद्रों पर जबरदस्त हड़कंप और कड़ा प्रशासनिक पहरा देखने को मिला। परीक्षा में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग और मुन्नाभाइयों के मंसूबों को श्मशान बनाने के लिए खुद जिले के कप्तान यानी जिलाधिकारी श्री विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त श्री बबलू कुमार ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों आला अफसरों ने भारी पुलिस बल के साथ राजधानी के विभिन्न संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर तूफानी छापा मारकर व्यवस्थाओं को खंगाला।
बालिका विद्या निकेतन से अमीरुद्दौला तक मची खलबली! अफसरों के इस औचक निरीक्षण की शुरुआत वाला कदर रोड स्थित बालिका विद्या निकेतन इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई, जहाँ एग्जामिनेशन रूम से लेकर पर्यवेक्षकों की कुर्सियों तक की सघन चेकिंग की गई। इसके तुरंत बाद अफसरों का काफिला अमीरुद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज पहुंचा। अधिकारियों ने कड़क लहजे में केंद्र व्यवस्थापकों को अल्टीमेटम दिया कि परीक्षा में रत्ती भर भी लापरवाही या नकल की गुंजाइश मिली, तो सीधे जेल का रास्ता नापना पड़ेगा। पूरे जिले के 55 केंद्रों पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से ‘स्मार्ट मॉनिटरिंग’ की जा रही है, जिससे परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
70% हाजिरी और मजिस्ट्रेटों का कड़ा पहरा! जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि लखनऊ के 55 केंद्रों पर प्रति पाली 22,656 जांबाज परीक्षार्थी भाग्य आजमा रहे हैं। परीक्षा के पहले दिन गजब का उत्साह दिखा, जहाँ प्रथम पाली में 70.03% और द्वितीय पाली में 70.97% परीक्षार्थियों ने अपनी हाजिरी दर्ज कराई। सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की फौज तैनात की गई है। साफ़ बात है, योगी सरकार इस बार पुलिस भर्ती को पूरी तरह से ‘नकल विहीन’ और पारदर्शी बनाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सब लगा चुकी है!



