वकील की आड़ में अपराध पर पुलिस का बड़ा प्रहार
हाईकोर्ट के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस ने बनाया विशेष प्रकोष्ठ

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
अधिवक्ता की आड़ लेकर जमीन, मकान और संपत्तियों पर अवैध कब्जा, दबंगई और धोखाधड़ी जैसे अपराधों में संलिप्त तत्वों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के अनुपालन में लखनऊ पुलिस ने एक विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) का गठन किया है, जिसका उद्देश्य ऐसे संगठित आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सख्त कदम
पुलिस आयुक्त के निर्देशानुसार गठित इस विशेष प्रकोष्ठ का संचालन संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) की निगरानी में किया जाएगा। उन्हें इस व्यवस्था का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि शिकायतों की त्वरित समीक्षा और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
भूमाफिया और फर्जी वेशधारियों पर पैनी नजर
यह विशेष प्रकोष्ठ उन मामलों की निगरानी करेगा, जिनमें अधिवक्ता का वेश धारण कर भूमि, मकान, प्लॉट और अन्य संपत्तियों पर अवैध कब्जा, धमकी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी या अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में संगठित कार्रवाई से पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।
सीधे दर्ज होगी शिकायत
विशेष प्रकोष्ठ संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) कार्यालय परिसर के कक्ष संख्या-36 से संचालित होगा। पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत सीधे कार्यालय पहुंचकर लिखित रूप में दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत की जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनभागीदारी से अपराध पर अंकुश
लखनऊ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा अधिवक्ता की पहचान का दुरुपयोग कर अवैध कब्जा, धमकी, वसूली या किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की जा रही हो, तो उसकी सूचना तत्काल विशेष प्रकोष्ठ को दें। पुलिस का कहना है कि नागरिकों का सहयोग ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की सबसे बड़ी शक्ति बनेगा।
कानून के नाम पर अपराध अब नहीं
विशेष प्रकोष्ठ का गठन केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि कानून की आड़ लेकर अपराध करने वाले तत्वों के खिलाफ स्पष्ट संदेश है कि न्याय व्यवस्था की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कानून का शिकंजा और अधिक मजबूत होने जा रहा है।



