छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में चार नक्सली मारे गए, जबकि डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के एक जवान ने वीरगति प्राप्त की।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
शनिवार शाम को नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ के घने जंगलों में यह मुठभेड़ शुरू हुई। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी, जब नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया।
बरामद हुए स्वचालित हथियार
घटनास्थल से एके-47 और एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल) जैसे स्वचालित हथियार बरामद किए गए हैं। यह हथियार नक्सलियों की ताकत और उनके सशस्त्र नेटवर्क का संकेत देते हैं।
जवानों का बलिदान और रेस्क्यू अभियान
मुठभेड़ में डीआरजी के प्रधान आरक्षक सन्नू कारम वीरगति को प्राप्त हुए। इसके अलावा, डीआरजी और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के तीन जवान घायल हुए हैं। सभी घायलों को एयरफोर्स के एमआई-17 हेलिकॉप्टर के जरिए रायपुर ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
ऑपरेशन में शामिल बल
मुठभेड़ में चार जिलों की डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने भाग लिया। जवानों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। अधिकारियों का मानना है कि और भी नक्सली घायल हो सकते हैं, जो जंगल में छिपे हो सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशन तेज करने और नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह ऑपरेशन नक्सलियों की बढ़ती चुनौती को रोकने के लिए चलाया गया था।
जनता में बढ़ा विश्वास
इस मुठभेड़ ने स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षाबलों के प्रति विश्वास बढ़ाया है। क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ लगातार हो रहे अभियानों से नक्सली प्रभाव कम होता नजर आ रहा है।
शहीद जवान को श्रद्धांजलि
प्रधान आरक्षक सन्नू कारम के बलिदान को पूरा देश नमन कर रहा है। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी।