मिठाई की उम्र अब कारोबारी तय करेगा

‘यूज बाय’ तारीख की जिम्मेदारी भी उसी की—घोषित अवधि में मिठाई खराब हुई तो जवाबदेही किसकी?
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब सवाल सिर्फ स्वाद और ताजगी का नहीं, बल्कि उस तारीख का भी होगा जिसे खुद खाद्य कारोबारी तय करेगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिठाई एवं कन्फेक्शनरी उत्पादों की ‘यूज बाय’ अवधि को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सभी मिठाइयों के लिए कोई एक समान शेल्फ लाइफ अनिवार्य नहीं की गई है। कारोबारी उत्पाद की प्रकृति, सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और भंडारण व्यवस्था के आधार पर उपयोग अवधि स्वयं तय करेंगे।
तारीख भी अपनी, जिम्मेदारी भी अपनी
व्यवस्था में सबसे अहम बात यह है कि कारोबारी जिस अवधि को घोषित करेगा, उस पूरी अवधि में उत्पाद की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी।
यानी पांच दिन की ‘यूज बाय’ अवधि घोषित करने वाले कारोबारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि पांचवें दिन तक मिठाई निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरी उतरे।
एक जैसा नियम नहीं
विभाग का तर्क है कि हर मिठाई की सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और भंडारण परिस्थितियां अलग होती हैं। इसलिए सभी उत्पादों के लिए एक समान उपयोग अवधि तय करना व्यावहारिक नहीं है।
लेकिन यही लचीलापन उपभोक्ता के लिए सवाल भी खड़ा करता है—क्या घोषित अवधि तय करने के लिए कारोबारी के पास पर्याप्त वैज्ञानिक आधार और निगरानी व्यवस्था है?
उपभोक्ता के हाथ में जानकारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता को खरीदारी के समय उत्पाद की उपयोग अवधि की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। ‘यूज बाय’ तारीख का उद्देश्य उपभोक्ता को यह तय करने में मदद करना है कि मिठाई किस अवधि तक उपयोग के लिए उपयुक्त है।
भरोसे की परीक्षा
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों पर भरोसा जताते हुए उपयोग अवधि तय करने की जिम्मेदारी उन्हें दी है। इसके साथ गुणवत्ता और सुरक्षा की जवाबदेही भी तय की गई है।
अब असली परीक्षा केवल तारीख छापने की नहीं, बल्कि उस तारीख तक मिठाई को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने की है।
यदि उपभोक्ता को पांच दिन की सुरक्षा का भरोसा दिया गया है, तो उस भरोसे की कीमत भी कारोबारी को ही चुकानी होगी। निगरानी और शिकायत तंत्र कितना प्रभावी रहता है, यह व्यवस्था की विश्वसनीयता तय करेगा।



