
भारत मंडपम से ‘जोश’ टीमों का शंखनाद,
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने देश को तपेदिक (TB) के अभिशाप से मुक्त करने के लिए एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नंदन (जेपी नड्डा) ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान ‘जोश’ (Joint Squad for Health – JOSH) टीमों का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय का एक अनूठा संगम है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिबद्धता को जमीनी स्तर पर टीबी के खिलाफ जन-आंदोलन में बदलना है।
भारत की असाधारण छलांग और उपलब्धियां
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने देश की उल्लेखनीय सफलताओं को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत में टीबी के मामलों में 21 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो वैश्विक औसत (12 प्रतिशत) से कहीं आगे है। इसके अलावा, देश में टीबी उपचार कवरेज बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है, जो वैश्विक आंकड़े 78 प्रतिशत को पीछे छोड़ता है। वर्ष 2026 में देश के 697 जिलों की 67,933 पंचायतों को ‘टीबी मुक्त’ घोषित किया जाना इस राष्ट्रव्यापी जन-भागीदारी की मुहर है।
‘जोश’ टीमों की रूपरेखा और तकनीकी का पहरा
पहले चरण में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 55 जिलों में तैनात की गई इन ‘जोश’ टीमों में 5 माई भारत (MY Bharat) के युवा स्वयंसेवक और 5 एनसीसी (NCC) कैडेट शामिल हैं, जिनका नेतृत्व एक क्लास-वन अधिकारी द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान एआई-समर्थित पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों, त्वरित आणविक निदान और बहुभाषी डिजिटल ऐप ‘खुशी अवतार’ जैसी तकनीकों का भी अनावरण किया गया, ताकि हर संदिग्ध मरीज तक त्वरित और सटीक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। यह अभियान मात्र एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक क्रांति है, जो भारत को 2030 के वैश्विक लक्ष्य से पहले टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।



