आयुष बना तेज रफ्तार सेवा क्षेत्र

2047 तक 216–318 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
भारत की पारंपरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था अब केवल विरासत नहीं, बल्कि तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति का रूप ले रही है। रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (RIS) के अध्ययन के अनुसार आयुष सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2024-25 में अनुमानित 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2022-23 के बाद से क्षेत्र ने 16.91 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की है।
विकास की नई धुरी
रिपोर्ट के मुताबिक आयुष क्षेत्र रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, वेलनेस और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के माध्यम से भारतीय सेवा अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। अध्ययन में 15,914 प्रतिष्ठानों का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वेक्षण किया गया।
क्लीनिक सबसे आगे
आयुष अर्थव्यवस्था में क्लीनिक और डे-केयर सेंटर सबसे मजबूत आधार बने हुए हैं। दोनों मिलकर क्षेत्र के कुल राजस्व में 71 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। अकेले क्लीनिकों से 16.21 अरब डॉलर और डे-केयर सेंटरों से 10.13 अरब डॉलर राजस्व का अनुमान है।
आयुर्वेद का दबदबा
छह आयुष प्रणालियों में आयुर्वेद सबसे बड़ा आर्थिक क्षेत्र बनकर सामने आया है। इसका अनुमानित राजस्व 17.73 अरब डॉलर, यानी कुल आयुष सेवा अर्थव्यवस्था का करीब 48 प्रतिशत है।
वेलनेस में तेज उछाल
योग केंद्र, स्पा और आयुष आधारित रिसॉर्ट भी आर्थिक विस्तार के नए केंद्र बन रहे हैं। वेलनेस क्षेत्र ने 21.29 प्रतिशत CAGR दर्ज किया। दो वर्षों में योग केंद्रों के राजस्व में करीब 75 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
17.6 लाख आजीविकाएं
आयुष सेवा क्षेत्र सीधे तौर पर करीब 17.6 लाख आजीविकाओं को सहारा दे रहा है। क्षेत्र के कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है। वेलनेस संस्थानों में यह हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक बताई गई है।
मेडिकल टूरिज्म को ताकत
मेडिकल वैल्यू ट्रैवल से आयुष क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 1.77 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया। विदेशी मरीज कुल मरीजों में करीब 5 प्रतिशत हैं, लेकिन अस्पताल क्षेत्र के राजस्व में उनका योगदान अनुमानतः 15–25 प्रतिशत तक है।
डिजिटल पहचान, वैश्विक विस्तार
रिपोर्ट के अनुसार समर्पित वेबसाइट रखने वाले संस्थानों में विदेशी मरीज आकर्षित करने की संभावना 3.6 गुना अधिक पाई गई। NABH या ISO जैसी गुणवत्ता मान्यता भी अंतरराष्ट्रीय मरीजों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2047 का बड़ा लक्ष्य
अध्ययन का अनुमान है कि बुनियादी ढांचे, गुणवत्ता, कौशल, डिजिटल क्षमता और वैश्विक बाजार पहुंच मजबूत होने पर आयुष सेवा अर्थव्यवस्था 2047 तक 216–318 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। ज्ञान मूल्य श्रृंखला, संस्थागत क्षमता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और AI आधारित नवाचार को भविष्य की रणनीति के प्रमुख आधार के रूप में रेखांकित किया गया है।



