मोलर प्रेग्नेंसी पर गहन चर्चा,पीजी स्कॉलर ने दी प्रभावशाली प्रस्तुति
क्विज में डॉ. अज़ीज़ा ज़ाहिद रहीं अव्वल

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी
निस्वान व क़बालत विभाग में एक महत्वपूर्ण विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें अंतिम वर्ष की पीजी स्कॉलर डॉ. सुम्बुल आलम ने “मोलर प्रेग्नेंसी के प्रबंधन” विषय पर विस्तृत और प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. मणि राम सर, डॉ. मरियम रोकैया मैम सहित कई पोस्टग्रेजुएट छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सेमिनार के दौरान डॉ. सुम्बुल आलम ने मोलर प्रेग्नेंसी की परिभाषा, महामारी विज्ञान, जोखिम कारक, पैथोफिजियोलॉजी, क्लिनिकल लक्षण, निदान और उपचार के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने विशेष रूप से प्रारंभिक पहचान के महत्व पर जोर देते हुए अल्ट्रासोनोग्राफी के संकेतों, β-hCG स्तरों की भूमिका और समय पर सही उपचार पद्धति अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उनकी प्रस्तुति ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ बेहद सुव्यवस्थित रही, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में एक रोचक क्विज़ एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें पीजी स्कॉलर (बैच 2024) डॉ. अज़ीज़ा ज़ाहिद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें उनकी उपलब्धि के लिए स्मृति-चिह्न स्वरूप पेन भेंट कर सम्मानित किया गया।
शैक्षणिक सत्र के बाद एक विशेष आध्यात्मिक क्षण भी देखने को मिला, जब डॉ. मणि राम सर ने पवित्र कुरआन के प्रति अपनी जिज्ञासा व्यक्त करते हुए सूरह अल-फातिहा का पाठ किया। इसके पश्चात उसकी संक्षिप्त व्याख्या और महत्व भी साझा किया गया, जिससे कार्यक्रम को एक अलग ही गरिमा और संतुलन प्राप्त हुआ।
यह सेमिनार न केवल अकादमिक दृष्टि से उपयोगी साबित हुआ, बल्कि इसमें ज्ञान, संवाद और सांस्कृतिक समन्वय का सुंदर संगम भी देखने को मिला।



