
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूत सहारा
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी
लखनऊ में पर्यटन विभाग के अंतर्गत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में “आतिथ्य से आत्मनिर्भरता” के संकल्प के तहत पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 16 से 20 मार्च 2026 तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 31 होम-स्टे संचालकों ने भाग लेकर आधुनिक आतिथ्य सेवाओं और प्रबंधन के गुर सीखे।
कार्यक्रम का उद्देश्य होम-स्टे संचालकों को पेशेवर बनाना और ग्रामीण पर्यटन को सशक्त करना है। इस दौरान प्रतिभागियों को होम-स्टे की अवधारणा, संचालन, लागत नियंत्रण, टैरिफ निर्धारण और ग्राहक संतुष्टि के तरीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही इंटीरियर सज्जा, रखरखाव, समस्या समाधान और सेवाओं में सुधार के महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि होम-स्टे मॉडल न केवल पर्यटकों को किफायती और घर जैसा अनुभव देता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।
प्रशिक्षण में सोशल मीडिया, डिजिटल पेमेंट, अतिथि पंजीकरण और जिम्मेदार पर्यटन जैसे विषयों पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग, ग्राहक सेवा, व्यक्तित्व विकास और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के बारे में भी जानकारी दी गई।
लखनऊ, वाराणसी, अम्बेडकर नगर, उन्नाव समेत कई जिलों से आए प्रतिभागियों ने इस पहल को ग्रामीण पर्यटन के लिए गेमचेंजर बताया। उनका मानना है कि इस प्रशिक्षण से उन्हें अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने में मदद मिलेगी।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि होम-स्टे को पर्यटन की मजबूत नींव बनाकर गांवों की अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जाए।



