बैंकों संग केंद्र की बड़ी बैठक, इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को मिलेगा सस्ता कर्ज
ई-बस और ई-ट्रक क्रांति की तैयारी, केंद्र सरकार बनाएगी बड़ा फाइनेंस मॉडल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
H. D. Kumaraswamy की अध्यक्षता में भारी उद्योग मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए मजबूत वित्तपोषण तंत्र तैयार करने पर चर्चा की। बैठक में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बड़े बैंक, ट्रांसपोर्ट संगठन, बस और ट्रक ऑपरेटरों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में State Bank of India, Punjab National Bank, Canara Bank, Central Bank of India, HDFC Bank और SIDBI सहित कई वित्तीय संस्थानों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र में ई-बसों और ई-ट्रकों को तेजी से अपनाने के लिए आने वाली आर्थिक चुनौतियों का समाधान तलाशना था।
बैठक में क्रेडिट गारंटी, ब्याज सब्सिडी और आसान ऋण जैसे कई संभावित सहायता मॉडलों पर मंथन हुआ। सरकार का मानना है कि यदि निजी ऑपरेटरों को कम ब्याज दरों और सुरक्षित वित्तीय विकल्प मिलते हैं तो देश में इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
सरकार ने कहा कि बसें और ट्रक देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन यही वाहन ईंधन खपत और प्रदूषण के बड़े कारण भी हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना भारत के नेट जीरो लक्ष्य, ऊर्जा सुरक्षा और तेल आयात में कमी के लिए बेहद जरूरी है।
बैठक को प्रधानमंत्री Narendra Modi की स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत नीति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। भारी उद्योग मंत्रालय ने संकेत दिए कि जल्द ही इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए व्यावहारिक और उद्योग समर्थक फाइनेंस मॉडल सामने आ सकते हैं।



