Uncategorized

30 करोड़ के कथित घोटाले का खुलासा! ट्रस्ट पर कब्जे की साजिश का बड़ा आरोप

फर्जी ट्रस्ट डीड, झूठी एफआईआर और दबाव की राजनीति—हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट का बड़ा दावा


“हमारा कोई संबंध नहीं”—प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट का साफ ऐलान, आरोपियों पर कसी शिकंज

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क

लखनऊ के Shekhar Hospital में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट ने चौंकाने वाले आरोप लगाते हुए एक बड़े वित्तीय और संस्थागत षड्यंत्र का खुलासा किया।

ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. अमोद सचान और चेयरपर्सन डॉ. ऋचा मिश्रा ने मीडिया को बताया कि वरुण श्रीवास्तव और मलय मोहन ने मिलकर एक सुनियोजित योजना के तहत संस्थान की वित्तीय जानकारी हासिल की और करोड़ों रुपये के लेन-देन में अनियमितताएं कीं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया गया कि इंटरलिंक्ड दवा मंडी सहित कई कंपनियों के जरिए करीब ₹20-22 करोड़ की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां सामने आई हैं, जबकि हिंद मेडिकल कॉलेज से लिए गए लगभग ₹10 करोड़ के निर्माण कार्य आज तक अधूरे पड़े हैं।

ट्रस्ट ने आरोप लगाया कि संस्थान पर कब्जा करने के लिए फर्जी ट्रस्ट डीड तैयार की गई, झूठी एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास हुआ और न्यायालय के माध्यम से भ्रामक तथ्यों के आधार पर कानूनी दबाव बनाया गया।

डॉ. ऋचा मिश्रा ने यह भी बताया कि उन पर कथित बैठकों के जरिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला गया, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।

ट्रस्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2004 से संस्थान का नियमित ऑडिट होता रहा है और सभी वित्तीय लेन-देन पूरी पारदर्शिता के साथ किए गए हैं। वर्तमान में संस्थान के दो आधुनिक कैंपस संचालित हैं और कोई दीर्घकालिक ऋण नहीं है।

इस पूरे मामले में बाराबंकी कोतवाली में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें कई आरोपियों को शामिल किया गया है। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया साजिश के संकेत भी सामने आए हैं।

ट्रस्ट ने साफ किया कि वरुण श्रीवास्तव या उनसे जुड़ी किसी भी कंपनी से उनका कोई संबंध नहीं है और बाजार में मौजूद सभी देनदारियों की जिम्मेदारी केवल संबंधित व्यक्तियों की होगी।

Related Articles

Back to top button