हेल्थ

दुबले दिखना अब सुरक्षित नहीं! पेट की चर्बी बन रही ‘साइलेंट किलर’

युवा पीढ़ी पर खतरा: पेट का मोटापा बढ़ा रहा हार्ट अटैक और डायबिटीज का जोखिम

भारत में छुपा मोटापा संकट: सामान्य शरीर में भी घातक आंतरिक वसा

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
भारत में मोटापे को लेकर एक नई और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि सिर्फ शरीर का वजन ही नहीं, बल्कि पेट या शरीर के मध्य हिस्से में जमा चर्बी (Central Obesity) सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है—खासतौर पर भारतीयों में।

उन्होंने बताया कि भारत में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो बाहर से दुबले-पतले दिखते हैं, लेकिन उनके शरीर के अंदर खतरनाक मात्रा में फैट जमा होता है। यह “छुपा मोटापा” कई गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है, जिनमें Type 2 Diabetes, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर और डिस्लिपिडेमिया शामिल हैं।

“एडवांसेज इन ओबेसिटी एंड लिपिड मैनेजमेंट इन सीवीडी” नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान मंत्री ने कहा कि पेट के आसपास जमा आंतरिक वसा, भले ही व्यक्ति सामान्य दिखे, लेकिन शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस और कम उम्र में हार्ट अटैक जैसी स्थितियों को जन्म दे सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, फास्ट फूड, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित दिनचर्या ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। युवा वर्ग में तेजी से बढ़ते मधुमेह और हृदय रोग इसी का परिणाम हैं।

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “मोटापा मुक्त भारत” के आह्वान को दोहराते हुए कहा कि अब केवल इलाज नहीं, बल्कि जागरूकता और रोकथाम पर जोर देना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और वैज्ञानिक तरीके से फिटनेस अपनाना ही इसका समाधान है।

यदि समय रहते इस “साइलेंट खतरे” को नहीं पहचाना गया, तो आने वाले वर्षों में भारत में हृदय रोग और मृत्यु दर में भारी वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि मोटापे की यह छुपी महामारी देश के स्वास्थ्य तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

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