रिहायशी इलाके में दहशत का कारण बना नर तेंदुआ, रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निगरानी में
वन विभाग की सतर्कता से टला बड़ा खतरा, 7 साल का तेंदुआ लखनऊ प्राणि उद्यान पहुंचा

लखीमपुर से पकड़ा गया तेंदुआ, लखनऊ जू में हाई अलर्ट पर इलाज जारी
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रिहायशी क्षेत्र के पास दिखाई देने से दहशत का कारण बना एक नर तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की मुस्तैदी से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। यह तेंदुआ ग्राम पंचायत सिन्धौना (लट्ठौआ बीट), रेंज उत्तर निघासन क्षेत्र से पकड़ा गया, जहां उसकी मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था।
करीब 6 से 7 वर्ष आयु का यह तेंदुआ लंबे समय से इलाके में घूम रहा था, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई थी। वन विभाग की टीम ने सतर्कता और योजनाबद्ध अभियान के तहत उसे काबू में लिया और तुरंत नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ भेज दिया।
फिलहाल तेंदुए को प्राणि उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसकी सेहत की जांच और देखभाल की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेंदुआ स्वस्थ प्रतीत हो रहा है, लेकिन विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण जारी है।
वन अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यदि तेंदुआ रिहायशी इलाके में ज्यादा समय तक रहता, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
यह घटना एक बार फिर जंगलों के सिकुड़ते दायरे और वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित रेस्क्यू और संरक्षण दोनों ही जरूरी हैं, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बना रहे।



