West Asia संकट का असर—Export Credit की समयसीमा 450 दिन तक बढ़ी
RBI का बड़ा फैसला: निर्यातकों को 15 महीने तक की राहत

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और लॉजिस्टिक व्यवधानों के बीच Reserve Bank of India (RBI) ने भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। निर्यातकों को अब निर्यात आय (Export Proceeds) की प्राप्ति और उसे देश में वापस लाने के लिए पहले से अधिक समय मिलेगा। RBI ने स्पष्ट किया है कि 9 महीने की समयसीमा को बढ़ाकर 15 महीने करने का जो निर्णय पहले लिया गया था, वह आगे भी लागू रहेगा।
दरअसल, पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शिपमेंट में देरी, भुगतान में अड़चन और सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते निर्यातकों के लिए समय पर भुगतान प्राप्त करना चुनौती बन गया है। ऐसे में RBI का यह कदम राहत देने वाला साबित हो रहा है।
इसके अलावा, प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट एक्सपोर्ट क्रेडिट की अवधि को भी 450 दिनों तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पहले यह सुविधा 31 मार्च 2026 तक सीमित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया गया है। इससे निर्यातकों को अपने फाइनेंस और कैश फ्लो को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद मिलेगी।
RBI ने यह भी संकेत दिया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय निर्यात सेक्टर कई बाहरी दबावों का सामना कर रहा है।
यह कदम न केवल निर्यातकों को तात्कालिक राहत देगा, बल्कि भारत के निर्यात क्षेत्र को स्थिर बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा।



