केजीएमयू में लापरवाही का आरोप: इलाज के इंतज़ार में गई जान
राजधानी के बड़े अस्पताल पर सवाल—तीन दिन तक ब्लीडिंग, नहीं मिला समय पर इलाज

(निश्चट टाइम्स न्यूज डेस्क) ।
राजधानी के प्रतिष्ठित अस्पताल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। इस बार मामला एक पत्रकार के परिवार से जुड़ा है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता और कथित लापरवाही पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार गीतांजलि सिंह के पिता दुर्गा प्रसाद को गंभीर हालत में केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद तीन दिनों तक मरीज को लगातार ब्लीडिंग होती रही, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने समय रहते न तो उचित इलाज किया और न ही स्थिति की गंभीरता को समझा।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों को मरीज की बिगड़ती हालत के बारे में बताया, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि इस दौरान न तो विशेषज्ञ डॉक्टर समय पर पहुंचे और न ही कोई आपातकालीन हस्तक्षेप किया गया।
लगातार खून बहने के कारण मरीज की हालत बेहद नाजुक हो गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि यदि समय पर इलाज और निगरानी मिलती, तो इस दुखद घटना को रोका जा सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना से आहत पत्रकार गीतांजलि सिंह इस समय गहरे सदमे में हैं। यह मामला न सिर्फ एक परिवार का दर्द है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक कड़ा सवाल भी है।



