RBI का बड़ा फैसला: अब विदेशी भुगतान मिलेगा तेजी से, ग्राहकों को तुरंत सूचना देना अनिवार्य
क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स में क्रांति: उसी दिन खाते में क्रेडिट और रियल-टाइम प्रोसेसिंग का निर्देश

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |
बॉर्डर इनवर्ड पेमेंट्स को तेज, पारदर्शी और अधिक ग्राहक-अनुकूल बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह कदम RBI के “Payments Vision 2025” और G20 के वैश्विक रोडमैप के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय भुगतान को सस्ता, तेज और सुलभ बनाना है।
RBI ने पाया कि विदेशी भुगतान की प्रक्रिया में सबसे अधिक देरी लाभार्थी बैंक स्तर पर होती है, जहां राशि आने के बाद खाते में क्रेडिट होने में समय लगता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जैसे ही विदेशी भुगतान का संदेश प्राप्त हो, ग्राहक को तुरंत सूचित किया जाए। यदि संदेश बैंक के कार्य समय के बाद आता है, तो अगले कार्य दिवस की शुरुआत में सूचना देना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, बैंकों को अपने नोस्ट्रो अकाउंट (Nostro Account) की सुलह प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया है। अब बैंकों को लगभग रियल-टाइम या अधिकतम एक घंटे के अंतराल में फंड की पुष्टि और मिलान करना होगा, ताकि भुगतान में देरी न हो।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, विदेशी मुद्रा बाजार के समय के दौरान प्राप्त भुगतान को उसी दिन लाभार्थी के खाते में जमा करने का प्रयास करना होगा। वहीं, बाजार समय के बाद प्राप्त भुगतान को अगले कार्य दिवस में क्रेडिट करना होगा, बशर्ते कि Foreign Exchange Management Act 1999 (FEMA) और अन्य नियामकीय शर्तों का पालन किया जाए।
RBI ने बैंकों को यह भी अनुमति दी है कि वे जोखिम आकलन के आधार पर “Straight Through Processing (STP)” सिस्टम लागू कर सकते हैं, जिससे व्यक्तिगत ग्राहकों के खातों में बिना देरी के स्वचालित रूप से राशि जमा हो सके।
ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, बैंकों को डिजिटल इंटरफेस विकसित करने का भी निर्देश दिया गया है, जिससे ग्राहक विदेशी लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जमा कर सकें और अपने ट्रांजेक्शन को आसानी से ट्रैक कर सकें।
ये सभी निर्देश इस सर्कुलर की तिथि से छह महीने बाद लागू होंगे। RBI का यह कदम भारत में अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को और अधिक कुशल और ग्राहक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।



