प्रयागराज

आरबीआई का बड़ा फैसला: प्रतापगढ़ की नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द

जमाकर्ताओं को राहत: 99.76% को मिलेगा पूरा पैसा, ₹5 लाख तक बीमा सुरक्षा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

Reserve Bank of India (आरबीआई) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए “National Urban Cooperative Bank Ltd Pratapgarh” का बैंकिंग लाइसेंस 10 अप्रैल 2026 से रद्द कर दिया है। इस निर्णय के साथ ही बैंक को तत्काल प्रभाव से सभी बैंकिंग गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया गया है।

आरबीआई ने यह कड़ा कदम बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति, अपर्याप्त पूंजी और नियामकीय मानकों के पालन में विफलता के चलते उठाया। बैंक Banking Regulation Act 1949 की विभिन्न धाराओं—विशेष रूप से धारा 11(1) और 22(3)—का अनुपालन करने में असफल रहा, जिसके कारण जमाकर्ताओं के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी।

आरबीआई के अनुसार, बैंक की वर्तमान स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान कर सके। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए बैंक को आगे संचालन की अनुमति देना उचित नहीं समझा गया।

लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक अब जमा स्वीकार करने और जमा राशि लौटाने जैसे किसी भी प्रकार के बैंकिंग कार्य नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सहकारिता आयुक्त एवं निबंधक को बैंक के परिसमापन (लिक्विडेशन) की प्रक्रिया शुरू करने और लिक्विडेटर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि, जमाकर्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (डीआईसीजीसी) के तहत प्रत्येक जमाकर्ता को ₹5 लाख तक की राशि बीमा के रूप में मिलेगी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लगभग 99.76% जमाकर्ताओं को उनकी पूरी जमा राशि वापस मिलने की संभावना है।

20 जनवरी 2026 तक डीआईसीजीसी द्वारा ₹14.67 करोड़ की बीमित राशि पहले ही भुगतान की जा चुकी है।

यह कार्रवाई बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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