दूध में मिलावट का बड़ा खुलासा! 388 टन खाद्य सामग्री सीज, करोड़ों का घोटाला उजागर
कानपुर-लखनऊ में एफएसडीए का छापा—एक्सपायरी पाउडर की री-पैकिंग, कई ब्रांडों पर कार्रवाई

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | #टैग्स
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की बड़ी कार्रवाई ने दुग्ध उद्योग में चल रही गंभीर अनियमितताओं का पर्दाफाश कर दिया है। आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान के तहत लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर नगर और कानपुर देहात में एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान 14 विशेष प्रवर्तन टीमों ने प्रमुख डेरी और दुग्ध उत्पाद इकाइयों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।
अभियान के दौरान कुल 56 खाद्य नमूने लिए गए, जबकि करीब 388 टन संदिग्ध खाद्य सामग्री को जब्त या सीज किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15.8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में 9 इकाइयों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की गई, जबकि 4 इकाइयां बंद पाई गईं।
सबसे बड़ा मामला कानपुर देहात की भोले बाबा डेरी का सामने आया, जहां भारी अनियमितताएं पकड़ी गईं। यहां एक्सपायरी समाप्त हो चुके स्किम्ड मिल्क पाउडर को नए पैकेट में पैक कर ताजा तारीख डालने का खेल चल रहा था। मौके पर 227 टन मिल्क पाउडर (करीब 15.2 करोड़ रुपये) को सीज किया गया। साथ ही लाइसेंस निलंबन की सिफारिश भी भेजी गई है।
वहीं नमस्ते इंडिया ब्रांड की इकाइयों में स्वच्छता मानकों की कमी पाई गई और एक्सपायरी उत्पाद नष्ट कराए गए। अमूल ब्रांड की इकाइयों में लेबलिंग और हेल्थ क्लेम से जुड़ी खामियां सामने आईं, जिस पर सुधार नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा लखनऊ स्थित स्वदेश मिल्क प्रोडक्ट (शुद्ध ब्रांड) में गैर-फूड ग्रेड एडिटिव्स और दूषित मसालों के उपयोग का मामला सामने आया, जहां सामग्री सीज कर दी गई।
एफएसडीए की इस सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अब कोई ढील नहीं दी जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।



