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5-दिवसीय बैंकिंग पर सरकार की चुप्पी, बैंककर्मियों का गुस्सा सड़कों पर

PLI विवाद ने बढ़ाया तनाव, काला बैज लगाकर काम—हड़ताल की चेतावनी तेज

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

लखनऊ। केंद्र सरकार की कथित अनदेखी के चलते बैंककर्मियों का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले बैंककर्मियों ने एक बार फिर विरोध तेज कर दिया है। कुछ माह पहले राष्ट्रव्यापी हड़ताल और विभिन्न कार्यक्रमों के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी गहराती जा रही है।

यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव के अनुसार, सरकार ने जहां एक ओर कर्मचारियों की प्रमुख मांग—5-दिवसीय बैंकिंग—को ठंडे बस्ते में डाल रखा है, वहीं दूसरी ओर स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) योजना को मनमाने तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यूनियनों का आरोप है कि यह कदम पूर्व समझौतों का उल्लंघन है और इससे कर्मचारियों के बीच असमानता बढ़ेगी।

इसी विरोध के तहत लखनऊ में बैंककर्मियों ने काला बैज लगाकर काम किया और भोजनावकाश के दौरान विभिन्न शाखाओं और कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान कई बैंक नेताओं की मौजूदगी में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनका धैर्य अब जवाब दे रहा है।

मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 16 मई को देशभर में काले वस्त्र पहनकर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। इसके बाद भी समाधान न निकलने पर हड़ताल और अन्य कठोर कदम उठाने से भी यूनियन पीछे नहीं हटेगी।

बढ़ते विरोध और चेतावनियों के बीच अब सवाल यह है कि क्या सरकार बैंककर्मियों की मांगों पर ध्यान देगी या यह टकराव और गहराएगा।

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