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महंगाई ने बढ़ाई चिंता, अप्रैल में थोक मुद्रास्फीति 8.30% पर पहुंची

पेट्रोल-डीजल से लेकर स्टील तक महंगा, आम आदमी और उद्योगों पर बढ़ेगा बोझ

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

नई दिल्ली/लखनऊ। देश में महंगाई ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। भारत सरकार द्वारा जारी अप्रैल 2026 के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़ों के अनुसार थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 8.30 प्रतिशत पहुंच गई है, जो पिछले कई महीनों की तुलना में बड़ा उछाल माना जा रहा है। मार्च 2026 में यह दर 3.88 प्रतिशत थी। महंगाई में यह तेजी मुख्य रूप से कच्चे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल-डीजल, धातुओं और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 24.71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। पेट्रोल की कीमतों में 32.40 प्रतिशत तथा हाई स्पीड डीजल (HSD) में 25.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई दर 67.18 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिसने उद्योगों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव पैदा कर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि थोक महंगाई बढ़ने का सीधा असर आने वाले महीनों में खुदरा बाजार पर भी दिखाई देगा। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य वस्तुओं, निर्माण सामग्री, कपड़ा और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान महंगे हो सकते हैं। अप्रैल में विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर 4.62 प्रतिशत रही, जबकि बुनियादी धातुओं के दामों में 7 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि कुछ राहत वाली खबरें भी सामने आई हैं। प्याज और आलू की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। प्याज की महंगाई दर घटकर -26.45 प्रतिशत और आलू की -30.04 प्रतिशत रही। दालों की कीमतों में भी गिरावट जारी रही। इसके बावजूद खाद्य सूचकांक बढ़कर 2.31 प्रतिशत पहुंच गया है।

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया कि अप्रैल 2026 में डब्ल्यूपीआई में महीने-दर-महीने आधार पर 3.86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे साफ है कि बाजार में लागत का दबाव तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले समय में उद्योग, परिवहन और उपभोक्ता क्षेत्र पर और दबाव बढ़ सकता है।

उद्योग जगत का मानना है कि लगातार बढ़ती इनपुट लागत से उत्पादन महंगा होगा, जिसका असर रोजगार और निवेश पर भी पड़ सकता है। वहीं आम उपभोक्ता के लिए आने वाले महीनों में रसोई से लेकर सफर तक का खर्च और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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