पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई बनी गरीबों की आर्थिक ढाल
जन सुरक्षा योजनाओं के 11 साल पूरे, करोड़ों परिवारों को मिला सुरक्षा कवच

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
केंद्र सरकार की जन सुरक्षा योजनाओं—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY)—ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 मई 2015 को शुरू की गई इन योजनाओं का उद्देश्य गरीब, वंचित और असंगठित क्षेत्र के लोगों को कम लागत में बीमा और पेंशन सुरक्षा उपलब्ध कराना था। आज ये योजनाएं करोड़ों परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन चुकी हैं।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक सस्ती और प्रभावी सामाजिक सुरक्षा पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि PMJJBY, PMSBY और APY के अंतर्गत क्रमशः 27 करोड़, 58 करोड़ और 9 करोड़ से अधिक लोगों ने नामांकन कराया है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है। इस योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये है। 29 अप्रैल 2026 तक इस योजना में 27.43 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं और 10.75 लाख से अधिक दावों के लिए 21,512.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। योजना में 12.72 करोड़ महिलाओं ने भी भागीदारी की है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्रदान करती है। इसका प्रीमियम मात्र 20 रुपये वार्षिक है। 29 अप्रैल 2026 तक इस योजना में 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन दर्ज किए गए हैं तथा 1.84 लाख से अधिक दावों के लिए 3,667.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस योजना में 27.45 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।
वहीं अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने का माध्यम बनी है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 से 5,000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है। 30 अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़ से अधिक लोग इसमें नामांकन करा चुके हैं, जिनमें लगभग 49 प्रतिशत महिलाएं हैं।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि योजनाओं की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है। ऑनलाइन जन सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से लोग घर बैठे नामांकन कर पा रहे हैं, जबकि दावों के डिजिटलीकरण से भुगतान प्रक्रिया तेज हुई है।
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं ने देश में वित्तीय समावेशन को मजबूती दी है और करोड़ों गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का भरोसा प्रदान किया है।



