लोन रिकवरी पर RBI सख्त, एजेंटों की मनमानी रोकने को नए नियम तैयार
मोबाइल लॉक कर वसूली पर RBI का बड़ा कदम, जनता से मांगे सुझाव

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
भारतीय रिजर्व बैंक Reserve Bank of India ने लोन रिकवरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने के लिए संशोधित ड्राफ्ट Amendment Directions जारी किए हैं। आरबीआई ने यह कदम बैंकों, एनबीएफसी और अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा कर्ज वसूली के दौरान अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया है।
आरबीआई के अनुसार फरवरी 2026 में जारी प्रारंभिक ड्राफ्ट पर विभिन्न हितधारकों से बड़ी संख्या में सुझाव प्राप्त हुए थे। इन सुझावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण प्रावधानों में बदलाव किया गया है। खास तौर पर उन तकनीकी व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई जिनके तहत डिफॉल्ट की स्थिति में फाइनेंस की गई मोबाइल डिवाइस जैसे स्मार्टफोन या टैबलेट की कुछ सुविधाओं को बंद या सीमित किया जा सकता है।
संशोधित ड्राफ्ट में कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, रीजनल रूरल बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और एनबीएफसी सहित विभिन्न रेगुलेटेड एंटिटीज के लिए जिम्मेदार व्यवसाय आचरण संबंधी दिशा-निर्देश शामिल किए गए हैं।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि कर्ज वसूली के दौरान ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और रिकवरी एजेंटों की जवाबदेही तय करना प्राथमिक उद्देश्य है। नए प्रस्तावित नियमों का मकसद रिकवरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को अनावश्यक दबाव या उत्पीड़न से बचाना है।
आरबीआई ने आम जनता, वित्तीय संस्थानों और अन्य हितधारकों से 31 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं। फीडबैक आरबीआई की “Connect 2 Regulate” सुविधा या ईमेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।



