लखनऊ

यूपी के MSMEs की चमकेगी किस्मत: ASSOCHAMUP और वाधवानी फाउंडेशन में महा-समझौता

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को रॉकेट की रफ्तार देने के लिए एक बहुत बड़ा खेल हो गया है। ‘एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ यू.पी.’ (ASSOCHAMUP) और ‘वाधवानी फाउंडेशन’ ने हाथ मिलाते हुए एक धमाकेदार ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LoI) पर साइन कर दिए हैं। बहुत जल्द यह एक फुल-फ्लेज्ड रणनीतिक समझौते (MoU) में तब्दील होने वाला है, जो यूपी के छोटे और मंझोले कारोबारियों की पूरी तकदीर बदल कर रख देगा।

योगी सरकार के $1 ट्रिलियन मिशन को मिलेगी रफ्तार: छोटे बिजनेस बनेंगे बाहुबली!

यह कोई आम समझौता नहीं है, बल्कि यूपी सरकार के राज्य को ‘1 ट्रिलियन डॉलर’ की महा-अर्थव्यवस्था बनाने के विजन का असली ब्रह्मास्त्र है। इस साझेदारी के तहत राज्य के हाई-पोटेंशियल बिजनेस और स्टार्टअप्स को तगड़ा मेंटोरशिप (विशेषज्ञ मार्गदर्शन), वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग और सीधे बड़े बाजारों से जुड़ने का मौका मिलेगा। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर मिली अपार सफलता के बाद इस महा-प्लान को जमीन पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

धार्मिक पर्यटन और स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी से बदलेगा यूपी का भूगोल!

चैंबर के दिग्गजों ने साफ कर दिया है कि भारत के $5 ट्रिलियन के सपने को पूरा करने का रास्ता यूपी से ही होकर जाता है। ASSOCHAMUP के अध्यक्ष इंजीनियर डी. पी. सिंह और वाधवानी एक्सेलरेट के विशाल चड्ढा ने हुंकार भरते हुए कहा कि इस पार्टनरशिप से जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण और ज्ञान का ऐसा आदान-प्रदान होगा जो पहले कभी नहीं हुआ। वहीं वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने राज्य में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए एक ‘विशेष विनिर्माण नीति’ और यूपी को देश के सबसे बड़े ‘धार्मिक पर्यटन केंद्र’ के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

महिलाएं संभालेंगी कमान: टूटेंगी क्षेत्रीय आर्थिक असमानताएं!

इस महा-मंथन में महिला सशक्तिकरण का मुद्दा भी पूरी ताकत से गूंजा। महिला उद्यमी विंग की अध्यक्ष डॉ. किरण सिंह ने दोटूक कहा कि एमएसएमई सेक्टर में जब तक महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा नहीं मिलेगा, तब तक विकास अधूरा है। महिला कारोबारी ही यूपी के औद्योगिक विकास का विकेंद्रीकरण करेंगी और शहरों व गांवों के बीच की आर्थिक खाई को पूरी तरह पाटने का काम करेंगी। इस ऐतिहासिक मौके पर रमेश मल्होत्रा, अभिनव सिंह और डी.के. मिश्रा समेत उद्योग जगत के कई बड़े चेहरे गवाह बने।

Related Articles

Back to top button