राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: भड़कीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती, कहा—’चोरों को कतई न बख्शें, बंद हो धर्म का गंदा खेल!’

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क]
चढ़ावे में हेराफेरी पर हाहाकार! अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था के चढ़ावे के साथ हुई चोरी, गबन और वित्तीय हेराफेरी की खबरों ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को ‘अति-गंभीर और गहरी चिंता का विषय’ बताते हुए करारा प्रहार किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में सरकार से मांग की है कि आस्था को लूटने वाले ऐसे पापी और भ्रष्ट लोग किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाने चाहिए।
वोटबैंक की गिद्ध राजनीति पर कड़ा प्रहार
- गंदी सियासत पर ब्रेक: मायावती ने इस बेहद संवेदनशील मामले पर रोटियां सेंक रही राजनीतिक पार्टियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि राम मंदिर के नाम पर चल रहे इस भ्रष्टाचार का राजनीतिकरण करना कतई ठीक नहीं है।
- अंध-धर्मीकरण असंवैधानिक: बीएसपी सुप्रीमो ने देशहित में सभी सियासी दलों को नसीहत दी कि राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण, धर्म का राजनीतिकरण और राजनीति का ‘अंध धर्मीकरण’ तुरंत बंद होना चाहिए। यह पूरी तरह से असंवैधानिक और जनविरोधी है।
मैनेजमेंट फेल! दूसरे बड़े मंदिरों से सीखे अयोध्या ट्रस्ट मायावती ने अयोध्या मंदिर के वर्तमान ऑडिट और हिसाब-किताब के तरीके पर सवाल खड़े करते हुए एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी शर्मनाक शिकायतें दोबारा न आएं, इसके लिए अयोध्या ट्रस्ट को देश के अन्य विख्यात और पारदर्शी व्यवस्था वाले प्रसिद्ध मंदिरों (जैसे तिरुपति या वैष्णो देवी) के कड़े नियमों और हिसाब-किताब के मॉडलों का तुरंत अनुसरण करना चाहिए, ताकि इस गंभीर प्रकरण को बिना किसी देरी के सुलझाया जा सके।


