उत्तर प्रदेश

यूपी आम महोत्सव 2026: ‘खराब’ आम और ‘नेगेटिव नैरेटिव’ का सरकारी बहाना

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

महोत्सव की चमक या खामियों पर पर्दा?उत्तर प्रदेश के उद्यान और कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) में 3 से 5 जुलाई तक होने वाले तीन दिवसीय ‘यूपी आम महोत्सव-2026’ का एलान तो कर दिया, लेकिन जब विदेशों से भारतीय आम रिजेक्ट होने के कड़वे सच पर सवाल उठा, तो जवाब में सिर्फ टालमटोल ही मिला।

विदेशों में रिजेक्शन पर मंत्री जी का अजीब तर्क!
निश्चय टाइम्स न्यूज द्वारा जब प्रेस वार्ता में सीधा सवाल दागा गया कि खतरनाक रसायनों (Chemicals) और फाइटोसैनिटरी (FS) मानकों की वजह से देश का आम विदेशी धरती से वापस क्यों आ रहा है, तो मंत्री जी ने इस गंभीर मुद्दे को बेहद हल्के में ले लिया। उन्होंने कहा, “अगर किसी बाग या कंसाइनमेंट में दो आम खराब निकल गए, तो क्या ठीक है? कोई कंसाइनमेंट कैंसिल नहीं हुआ है, यह सिर्फ एक नेगेटिव नैरेटिव है।”

सुरक्षा मानकों से खिलवाड़: क्या यह सिर्फ ‘नेगेटिव नैरेटिव’ है?
सवालों से किनारा: विदेशों में रिजेक्ट हो रहे आमों पर ठोस नीति बताने के बजाय इसे केवल ‘दो आम खराब’ होना कहकर खारिज कर दिया गया।

किसान और निर्यातक परेशान: क्या पेस्टिसाइड और मानकों की अनदेखी से देश की साख पर जो बट्टा लग रहा है, उसकी जिम्मेदारी सरकार की नहीं है?

बहानेबाजी का सहारा: आंकड़ों और सुधारों पर बात करने के बजाय मीडिया के सवालों को ‘नकारात्मक’ बताकर सच दबाने की कोशिश की गई।

वीआईपी उद्घाटन और जमीनी हकीकत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे, 4 जुलाई को जन भवन में B2B मीटिंग्स होंगी और 5 जुलाई को इसका समापन होगा। लेकिन सवाल यही है कि क्या बड़े-बड़े आयोजनों से निर्यात की क्वालिटी सुधर जाएगी? जब तक खतरनाक पदार्थों और सर्टिफिकेशन के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक ‘आम’ की साख विदेशों में गिरती रहेगी

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