उत्तर प्रदेश

यूपी में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ का शंखनाद: अनफिट स्कूल बसों पर गिरेगी गाज, लापरवाही की तो रद्द होगी मान्यता!

बिना फिटनेस दौड़ीं बसें, तो स्कूल होंगे सील!

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले सावधान हो जाएं! परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह के सख्त निर्देश पर परिवहन विभाग 01 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक प्रदेशव्यापी महाअभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ चलाने जा रहा है। साफ चेतावनी है—अगर बिना फिटनेस और बिना परमिट के स्कूली गाड़ियां सड़कों पर दिखीं, तो सीधे स्कूल प्रबंधन पर गाज गिरेगी।

7 जुलाई तक अल्टीमेटम, फिर ताबड़तोड़ एक्शन * पहला चरण (1 से 7 जुलाई): परिवहन विभाग की टीमें हर जनपद में स्कूलों को जोन और सेक्टर में बांटकर भौतिक निरीक्षण करेंगी। प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को 7 जुलाई तक अपने वाहनों की फिटनेस और परमिट 100% दुरुस्त करने की अंतिम मोहलत दी गई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति’ की बैठकें भी इसी हफ्ते होंगी।

  • दूसरा चरण (8 से 15 जुलाई): असली हंटर 8 जुलाई से चलेगा। पुलिस, ट्रैफिक और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमें सड़क पर उतरेंगी। बिना परमिट या अनफिट पाई जाने वाली स्कूली और निजी गाड़ियों को सीधे ज़ब्त (सीज़) कर लिया जाएगा।

लापरवाह स्कूलों की मान्यता होगी रद्द! परिवहन आयुक्त ने साफ कर दिया है कि यह कोई कागजी कार्रवाई नहीं है। जो स्कूल बार-बार सचेत करने के बाद भी नियमों की धज्जियां उड़ाएंगे, उनकी काली सूची (Blacklist) जिलाधिकारियों के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। ऐसे दागी और लापरवाह स्कूलों की मान्यता तुरंत रद्द करने की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अभिभावकों से भी अपील है कि वे बच्चों को स्कूल वैन या बस में भेजने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच जरूर करें।

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