
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ केंद्र सरकार ने तकनीक आधारित व्यापक अभियान छेड़ दिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बिग डेटा विश्लेषण और डिजिटल इंटेलिजेंस नेटवर्क के सहारे अब फर्जी मोबाइल कनेक्शनों, संदिग्ध संदेशों और साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
88 लाख संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद
दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा विकसित एएसटीआर (ASTR) एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली ने संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान कर साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 15 जुलाई 2026 तक पुनः सत्यापन में विफल रहने वाले 88 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए गए हैं।
‘चक्षु’ बना जनता की डिजिटल आंख
सरकार की संचार साथी ‘चक्षु’ सुविधा अब नागरिकों को संदिग्ध कॉल, मैसेज और साइबर ठगी की सूचना सीधे देने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। प्राप्त शिकायतों का अलग-अलग नहीं, बल्कि सामूहिक डेटा विश्लेषण कर दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग की पहचान की जाती है। नागरिकों द्वारा दर्ज 11.18 लाख शिकायतों के आधार पर 50.90 लाख मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं।
डिजिटल इंटेलिजेंस से मजबूत सुरक्षा कवच
दूरसंचार विभाग ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) सहित विभिन्न एजेंसियों के साथ द्विदिश सूचना साझाकरण के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) विकसित किया है। इसका उद्देश्य साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी में प्रयुक्त दूरसंचार संसाधनों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
SEBI संस्थाएं भी हुईं शामिल
डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को अब वित्तीय क्षेत्र का भी मजबूत सहयोग मिल रहा है। SEBI ने अपनी विनियमित संस्थाओं को इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने की सलाह दी है। दूरसंचार विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण सत्रों के बाद 50 से अधिक विनियमित संस्थाएं इस नेटवर्क का हिस्सा बन चुकी हैं।
राज्यसभा में दी गई जानकारी
केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि साइबर अपराधों की जांच का दायित्व गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है, जबकि कानून-व्यवस्था और पुलिस राज्य सरकारों के विषय हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार तकनीकी समन्वय और डिजिटल निगरानी के माध्यम से साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।



