उत्तर प्रदेश

कारखाना नहीं, तीन पीढ़ियों के संस्कारों की धरोहर है यह आंगन

श्रमिकों के साथ भोजन कर भावुक हुए विनीत शारदा, बोले—कर्मचारी नहीं, परिवार का हिस्सा हैं हमारे श्रमिक

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर देशभर में शुरू हुए सेवा पखवाड़े के क्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने अपने गगोल रोड स्थित पारिवारिक कारखाने में श्रमिकों, कर्मचारियों और स्टाफ के साथ सामूहिक भोजन कर सेवा और आत्मीयता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सभी के साथ बैठकर भोजन किया और अपने हाथों से श्रमिकों एवं कर्मचारियों को भोजन कराया।

सामूहिक भोजन के दौरान विनीत शारदा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह कारखाना केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियों के परिश्रम, आशीर्वाद और संस्कारों की जीवंत धरोहर है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1939 में उनके दादा स्वर्गीय लाला ओम प्रकाश अग्रवाल ने हैंडलूम-पावरलूम कारखाने की नींव रखी थी। उनके पिता स्वर्गीय सेठ धनपतराय अग्रवाल ने अपनी मेहनत और दूरदृष्टि से इस विरासत को आगे बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने अपने भाइयों विपिन अग्रवाल शारदा और उमेश अग्रवाल शारदा के साथ पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाया। नई पीढ़ी में उनके पुत्र चिराग अग्रवाल शारदा, गोविंद और माधव भी इसी विरासत को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।

विनीत शारदा ने कहा कि श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन करने से मिली आत्मिक संतुष्टि को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। उन्होंने कहा कि उनके दादा और पिता ने उन्हें यह संस्कार दिया कि साथ काम करने वाला व्यक्ति केवल कर्मचारी नहीं होता, बल्कि परिवार का हिस्सा होता है। श्रमिकों के सुख को अपना सुख और उनके दुख को अपना दुख मानना ही उनकी पारिवारिक परंपरा है।

उन्होंने कहा कि जब भी स्टाफ, कर्मचारियों या श्रमिक परिवार के सामने कोई कठिनाई आती है, परिवार स्वयं को उनसे अलग नहीं मानता और अपनी क्षमता के अनुसार उनके साथ खड़ा रहना अपना कर्तव्य समझता है।

विनीत शारदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्रसेवा का संकल्प लेने का दिन है। इसी भावना से सेवा पखवाड़े की शुरुआत श्रमिक परिवारों के साथ सामूहिक भोजन से की गई।

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति सेवा, आत्मीयता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती है। श्रमिकों के साथ एक पंक्ति में बैठकर भोजन करना इसी भावना की सहज अभिव्यक्ति है।

इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संगीता अग्रवाल शारदा, भाई विपिन अग्रवाल शारदा एवं उमेश अग्रवाल शारदा, पुत्र चिराग अग्रवाल शारदा, पुत्रवधू सुहानी अग्रवाल शारदा, गोविंद, माधव सहित परिवार के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और स्टाफ मौजूद रहे।

सामूहिक भोजन के दौरान परिवार और श्रमिकों के बीच दिखी आत्मीयता ने आयोजन को खास बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू हुआ यह सेवा पखवाड़ा सेवा, संस्कार, श्रम-सम्मान और सामाजिक समरसता का भावपूर्ण संदेश बन गया।

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