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AI का अगला विभाजन: हुनर से कमाई तक की चुनौती

AI साक्षरता से आगे ‘Learning to Earning’ पर जोर

91% युवा हर सप्ताह AI का इस्तेमाल करते हैं

97.1% को AI उपयोग पर भरोसा, लेकिन आर्थिक अवसर अब भी चुनौती

AI साक्षरता से आगे ‘Learning to Earning’ पर जोर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क,

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर युवाओं में उत्साह तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन AI सीखने और उससे वास्तविक आर्थिक अवसर हासिल करने के बीच अब भी एक महत्वपूर्ण दूरी बनी हुई है। Goodwall के 2026 Youth & AI Perception Survey के अनुसार, 91 प्रतिशत युवा कम से कम सप्ताह में एक बार AI का उपयोग करते हैं, जबकि 60.2 प्रतिशत इसका रोजाना इस्तेमाल करते हैं। AI उपयोग की अपनी क्षमता का आकलन करने वाले युवाओं में 97.1 प्रतिशत ने खुद को कम से कम कुछ हद तक आत्मविश्वासी बताया।

हुनर बढ़ा, अवसर नहीं

सर्वेक्षण से सामने आया कि युवा AI को सीखने, रचनात्मकता और काम के लिए तेजी से अपना रहे हैं। लेकिन AI टूल चलाना, बेहतर प्रॉम्प्ट तैयार करना या सामग्री बनाना अपने आप में नौकरी, ग्राहक, इंटर्नशिप, स्टार्टअप पूंजी या आय की गारंटी नहीं देता।

यही वह अंतर है जिसे AI की अगली ‘डिजिटल डिवाइड’ के रूप में देखा जा रहा है—एक तरफ वे युवा हैं जो तकनीक सीख पा रहे हैं और दूसरी तरफ वे, जिन्हें उस ज्ञान को आजीविका में बदलने के लिए संसाधन और अवसर मिलते हैं।

उद्यमिता की बड़ी आकांक्षा

Goodwall के Career Compass शोध में 46.8 प्रतिशत युवाओं ने अपना उद्यम शुरू करने की इच्छा जताई, जबकि 43.7 प्रतिशत ने भी उद्यमिता के प्रति खुलापन दिखाया। वहीं 68.9 प्रतिशत ने वित्तीय या पारिवारिक दबावों को अपनी महत्वाकांक्षाओं के सामने सबसे बड़ी बाधा बताया।

डिवाइस और कनेक्टिविटी भी अहम

AI शिक्षा का लाभ केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रह सकता। कई समुदायों में युवाओं के पास पर्याप्त डिवाइस, कनेक्टिविटी या तकनीकी बुनियादी ढांचा नहीं है। ऐसे में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद AI तक निरंतर पहुंच न होना सीखने को आर्थिक अवसर में बदलने की राह रोक सकता है।

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