
‘निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के टेंट सिटी-2 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘चिंतन शिविर 2026 – राजमार्ग अवसंरचना पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ का भव्य शुभारंभ किया। “गतिशक्ति से प्रगति” के आदर्श वाक्य के तहत आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय महाकुंभ में देश भर के राज्यों के परिवहन एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र को राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी संबोधित किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत की परिवहन प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के अनुकूल बनाना और बुनियादी ढांचे में गुणात्मक सुधार लाना है।
डीपीआर और प्रारंभिक तैयारियों पर विशेष जोर
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि राजमार्ग विकास का आधार गुणवत्ता, सुरक्षा, गति और विश्वस्तरीय मानक होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के स्तर पर ही उन्नत योजना और तैयारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसमें उचित सर्वेक्षण, एलाइनमेंट प्लानिंग, भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और समय पर सांविधिक मंजूरियां शामिल हैं। शुरुआती स्तर पर बेहतर तैयारियों से न केवल विलंब से बचा जा सकता है, बल्कि लागत में होने वाली वृद्धि को भी नियंत्रित किया जा सकता है। सड़क सुरक्षा को केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि योजना और डिजाइन के शुरुआती चरण से ही अनिवार्य रूप से एकीकृत करने की आवश्यकता है।
तकनीक, पर्यावरण और नवीन सुधारों का समन्वय
आधुनिक राजमार्गों को शहरों, बंदरगाहों, बाजारों और औद्योगिक केंद्रों के बीच सहज कनेक्टिविटी प्रदान करने वाला इंजन बताते हुए गडकरी ने कहा कि इससे देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलती है। शिविर के दौरान पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण उपायों पर एक विशेष दस्तावेज के साथ-साथ सतत परिवहन पर एक ‘ब्रिक्स कंपेंडियम’ भी लॉन्च किया गया। इसके अलावा, फास्टैग वार्षिक पास और मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) जैसी प्रौद्योगिकी-संचालित पहलों पर भी प्रकाश डाला गया, जिनका उद्देश्य टोल प्रणालियों को आधुनिक बनाना और उपयोगकर्ता के सफर को सुगम बनाना है।
केंद्र-राज्य समन्वय और विकसित भारत का संकल्प
यह दो दिवसीय चिंतन शिविर केंद्र और राज्यों के बीच संवाद स्थापित करने, क्षेत्रीय अनुभवों को साझा करने और व्यावहारिक समाधान तलाशने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है। मंत्री ने सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सामूहिक रूप से सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाली और भविष्य के अनुकूल राजमार्ग अवसंरचना के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएं।



