धर्म

महाराजा अग्रसेन जयंती पर भव्य शोभायात्रा, 18 गोत्रों की झांकियों ने जगाया सामाजिक एकता का संदेश

सहारागंज से परिवर्तन चौक तक गूंजे जयकारे

ज्ञान अग्रवाल दूध के स्टॉल पर दूध, दही, पेड़ा और बर्फी का वितरण

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में अग्रवाल समाज की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकजुटता और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। श्री अग्रवाल सभा, लखनऊ के तत्वावधान में गुरुवार को निकाली गई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने सहभागिता की। सहारागंज मॉल से परिवर्तन चौक तक निकली इस यात्रा ने उत्सव के वातावरण के बीच महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

18 अश्वों पर सजीं 18 गोत्रों की झांकियां

शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण महाराजा अग्रसेन जी की मनमोहक झांकी और 18 अश्वों पर सवार 18 गोत्रों की प्रस्तुतियां रहीं। सुसज्जित झांकियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। महाराजा अग्रसेन जी के जयकारों से मार्ग गुंजायमान रहा। आयोजन ने समाज की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता को एक मंच पर प्रस्तुत किया।

समाज के गणमान्य लोगों की सहभागिता

कार्यक्रम में श्री अग्रवाल सभा के अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ अग्रवाल सहित पंकज अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अनुपम मित्तल, अमित अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, भारत भूषण अग्रवाल, रिपिन अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, हर्षित, गोविंद कृष्ण अग्रवाल, अंजलि कुमार अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल, मनोज कुमार हवेलियां, मनीष अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और सुशील अग्रवाल समेत अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए। बीबीडी के अध्यक्ष विराट सागर दास की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।

दुग्ध उत्पादों के वितरण से सेवा का संदेश

शोभायात्रा के दौरान जय अग्रवाल मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से ज्ञान अग्रवाल दूध का स्टॉल लगाया गया। यहां लोगों को दूध, दही, पेड़ा और बर्फी वितरित की गई। इस पहल ने उत्सव में सेवा और सामुदायिक सहभागिता का रंग जोड़ा तथा लोगों को दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराए।

आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास

श्री अग्रवाल सभा का उद्देश्य महाराजा अग्रसेन जी के सेवा, समानता, सहयोग और भाईचारे के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना रहा। 18 गोत्रों की झांकियों और समाज की सक्रिय भागीदारी ने जयंती समारोह को सांस्कृतिक गौरव और एकता का प्रतीक बनाया।


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