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थीसिस से शोध की नई उड़ान: स्टेट तकमिलुत्तिब कॉलेज के फाउंडर बैच ने रचा इतिहास

निस्वान व कबालत विभाग की पहली शोध यात्रा का गरिमामयी समापन

शोध, समर्पण और उत्कृष्टता का बना प्रेरणादायी उत्सव

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

राजधानी स्थित स्टेट तकमिलुत्तिब कॉलेज एवं चिकित्सालय के परास्नातक विभाग निस्वान व कबालत के फाउंडर बैच-2022 की थीसिस सबमिशन सेरिमनी ज्ञान, शोध और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रेरणादायी उत्सव बन गई। विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह ने न केवल संस्थान की शोध संस्कृति को नई पहचान दी, बल्कि यूनानी चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान की मजबूत नींव भी स्थापित की।

फाउंडर बैच ने रचा नया अध्याय

कार्यक्रम का शुभारंभ केक कटिंग एवं साइनिंग सेरिमनी के साथ हुआ। शोधार्थी एमन कुलसुम नसीम ने पूरे कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन किया। संस्थान के सभी 14 विभागों के वरिष्ठ शिक्षकों एवं विभागाध्यक्षों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया।

तीन शोधार्थियों की उपलब्धि पर संस्थान गौरवान्वित

फाउंडर बैच की शोध छात्राओं नवाज़िशा, रुश्दा फातिमा एवं सुम्बल आलम ने सफलतापूर्वक अपना शोध कार्य पूर्ण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। सभी छात्राओं ने अपने शोध अनुभव साझा करते हुए विभाग, शिक्षकों और संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में शोध कार्य को समाजोपयोगी दिशा देने का संकल्प दोहराया।

प्राचार्य ने शोध संस्कृति को बताया संस्थान की शक्ति

संस्थान के प्राचार्य प्रो. अब्दुल कवि ने विभागाध्यक्ष प्रो. मनीराम सिंह एवं प्रवक्ता डॉ. मरियम रुकैयया की मेहनत, समर्पण और शोध मार्गदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान ही किसी भी चिकित्सा संस्थान की वास्तविक पहचान बनता है।

‘अब शुरू हुई असली शोध यात्रा’

मुख्य अतिथि डॉ. अब्दुल कुदूस हाशमी, सचिव, मौलाना आजाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ ने शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि थीसिस जमा होना अंत नहीं बल्कि वास्तविक शोध जीवन की शुरुआत है। उन्होंने प्रो. मनीराम सिंह द्वारा शोधार्थियों के लिए लोकबंधु श्री राजनारायण चिकित्सालय में विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था को दूरदर्शी पहल बताया।

शोधार्थियों को दिया सफलता का श्रेय

विभागाध्यक्ष प्रो. मनीराम सिंह ने विभाग की उपलब्धि का पूरा श्रेय शोधार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के सामूहिक सहयोग को दिया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में और अधिक गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों का विश्वास जताया।

समारोह में प्रो. अताउल्लाह खान, प्रो. साफिया लोखंडे, प्रो. अब्दुल हकीम, प्रो. निजामुल हक, प्रो. कमरूल हसन लारी, प्रो. नसीम, डॉ. मोहम्मद शाकिब, डॉ. रिहाना, डॉ. अलबीना, श्रीमती शारदा देवी, कुमारी अज़रा बेबी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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