यूपी बनेगा ग्लोबल फूड प्रोसेसिंग हब: ‘इंडिया फूड एक्सपो-2026’ में बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

– लखनऊ में तीन दिवसीय भव्य एक्सपो का उद्घाटन, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार पर जोर– कृषि और उद्योग के बेहतर समन्वय से किसानों की आय होगी दोगुनी: केशव प्रसाद मौर्य– डबल इंजन सरकार निवेश, नवाचार और तकनीकी विकास को दे रही नई गति
(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)

उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज लखनऊ में ‘इंडिया फूड एक्सपो-2026’ के 11वें संस्करण का भव्य उद्घाटन किया। रेगलिया ग्रीन्स में आयोजित तीन दिवसीय (18 से 20 सितंबर) इस एक्सपो के उद्घाटन समारोह में श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में ‘डबल इंजन सरकार’ राज्य में निवेश, नवाचार और रोजगार के अवसरों को लगातार बढ़ा रही है।

किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल
समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज के मूल्यवर्धन (Value Addition) के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, “कृषि और उद्योग के बेहतर समन्वय से ही उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है। खाद्य प्रसंस्करण से न केवल कृषि उत्पादों को बेहतर मूल्य मिलता है, बल्कि किसानों को बाजार से सीधे जुड़ने के अवसर भी प्राप्त होते हैं।”

महिला सशक्तिकरण और युवाओं का स्वरोजगार
श्री मौर्य ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने की पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अचार, पैक्ड फूड और मिलेट्स (मोटा अनाज) आधारित उत्पादों के प्रसंस्करण और ब्रांडिंग के जरिए ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता के नए और सशक्त अवसर मिल रहे हैं।

युवाओं की क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दे रही है ताकि युवा केवल रोजगार मांगने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले (Job Creators) बनें।

मजबूत हो रहा आधारभूत ढांचा और ‘लोकल टू ग्लोबल’ का संकल्प
डिप्टी सीएम ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं, जैसे एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF), पीएमएफएमई (PMFME) और ओडीओपी (ODOP), का समन्वित क्रियान्वयन उद्यमियों को पूंजी, तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य में मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन नेटवर्क और एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स के विकास से खेत से लेकर बाजार तक की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत किया जा रहा है।
‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

एक्सपो में विशेषज्ञों का मंथन
एक्सपो के पहले दिन उद्योग, बैंकिंग और तकनीकी विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। ‘विकसित भारत 2047 में उद्योग और व्यापार की भूमिका’ पर आयोजित सत्र में आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश गोयल और उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्री संदीप बंसल ने अपने विचार रखे। अन्य सत्रों में वित्तीय संस्थानों की भूमिका और सफल खाद्य व्यवसाय बनाने की रणनीतियों पर पैनल चर्चा हुई।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रम डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम्, आईएफएक्स के चेयरमैन श्री विकास खन्ना, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, उद्यमी और अधिकारी उपस्थित थे।



