महाराजा अग्रसेन जयंती का महाकुंभ: लखनऊ में सजेगा भव्य दरबार
18 गोत्रों की झांकियों के साथ निकलेगी ऐतिहासिक शोभायात्रा!

लखनऊ, 07 अक्टूबर 2026। अग्रवाल समाज के प्रेरणास्रोत महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं पावन जयंती के अवसर पर श्री अग्रवाल सभा, लखनऊ द्वारा शहर में ऐतिहासिक और अलौकिक आयोजनों का शंखनाद कर दिया गया है। सुभाष मार्ग स्थित के.वी. ड्रायफ्रूट्स एंड स्पाइसेस में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेसवार्ता के दौरान सभा के पदाधिकारियों ने चार दिवसीय महा-उत्सव की रूपरेखा का पर्दाफाश करते हुए बताया कि इस वर्ष का यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम होगा।
कार्यक्रमों का भव्य शेड्यूल और आकर्षण
- 8 अक्टूबर – ऐतिहासिक शोभायात्रा: सहारागंज मॉल से परिवर्तन चौक तक निकलने वाली इस विशाल शोभायात्रा में महाराजा अग्रसेन जी के साथ 18 अश्वों पर सवार 18 गोत्रों की जीवंत झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। इस आयोजन के संयोजक गोविंद कृष्ण अग्रवाल (पप्पू बाबू) हैं।
- 9 अक्टूबर – युवा प्रतिभा और प्रतियोगिताएं: जानकीपुरम श्री अग्रवाल कॉलेज और मोती नगर अग्रवाल कॉलेज में सुबह से लेकर शाम तक तंबोला, चित्रकला, कुकिंग और मेहंदी जैसी प्रतियोगिताओं का तांता लगेगा, जहाँ हुनरबाजों को पुरस्कृत किया जाएगा।
- 10 अक्टूबर – रोमांचक मुकाबला: चारबाग क्रिकेट स्टेडियम में अग्रवाल समाज की दो दिग्गज टीमों के बीच हाई-वोल्टेज क्रिकेट मैच का रोमांच देखने को मिलेगा।
- 11 अक्टूबर – हवन-पूजन और सांस्कृतिक महाकुंभ: मोतीनगर परिसर में सुबह 9 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य हवन-पूजन संपन्न होगा। इसके बाद शाम 6 बजे सेठ रामजस हॉल में मुख्य सांस्कृतिक समारोह और मेधावी सम्मान का आगाज होगा।
दिग्गजों की मौजूदगी और मेधावियों का सम्मान
सांस्कृतिक समारोह के इस भव्य मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में विराज सागर दास और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. दीपक अग्रवाल (एमबीबीएस, एमडी, डीएम) गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षा में 95% से अधिक अंक हासिल करने वाले चमकते सितारों को स्वर्ण अक्षरों में सम्मानित किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में सभा के अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ अग्रवाल, महामंत्री विष्णु अग्रवाल, कोषाध्यक्ष गोविंद कृष्ण अग्रवाल और संयोजक अमित अग्रवाल ने समाज से आह्वान किया कि महाराजा अग्रसेन के सेवा, समानता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस महायज्ञ में भारी संख्या में भागीदारी निभाएं।



