मंत्री ने जताई चिंता
ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। यह सुरक्षा की गंभीर चूक है, और इसमें शामिल व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” मंत्री ने बताया कि पुरी एसपी ने घटना की जांच के लिए टीमें गठित कर दी हैं। जल्द ही ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के मुताबिक, इस घटना की जांच के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। माना जा रहा है कि यह ड्रोन किसी व्लॉगर द्वारा उड़ाया गया हो सकता है। जांच अधिकारी इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि क्या ड्रोन के माध्यम से मंदिर की कोई संवेदनशील जानकारी एकत्रित की गई। पुलिस ने ड्रोन को ट्रैक करने और उसे जब्त करने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त
घटना के बाद सरकार मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रही है। मंत्री हरिचंदन ने बताया कि मंदिर परिसर के चारों ओर स्थित वॉच टावर्स पर 24 घंटे पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा, मंदिर क्षेत्र में ड्रोन जैसे उपकरणों का उपयोग रोकने के लिए सुरक्षा तकनीकों को उन्नत किया जाएगा।
नो-फ्लाइंग जोन का उल्लंघन
जगन्नाथ मंदिर और उसके आसपास का इलाका नो-फ्लाइंग जोन है, जहां किसी भी प्रकार के ड्रोन या अन्य उपकरण उड़ाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद ड्रोन का मंदिर के ऊपर दिखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।