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सीएम नीतीश कुमार क्यों गए दिल्ली? बिहार में इस्तीफे की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री का प्लान जान लें

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दिल्ली यात्रा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनकी दिल्ली यात्रा को लेकर इस्तीफे की चर्चाओं के बीच कई अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, मुख्यमंत्री के दो अलग-अलग काम के लिए दिल्ली जाने की असल योजना सामने आई है।
नीतीश कुमार की दिल्ली यात्रा का असली कारण
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा स्थगित कर दी थी, जो पहले 27 और 28 दिसंबर को निर्धारित थी। इसका कारण पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन था। अब नीतीश कुमार उनके परिजनों से मिलने के लिए दिल्ली गए हैं। इसके अलावा, वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे।
क्यों बनी चर्चा, इस्तीफे की?
मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के साथ ही इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं। खासकर प्रशांत किशोर और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को हवा दी थी। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सहित अन्य विपक्षी पार्टियां भी इस तरह की बातों को बढ़ावा दे रही थीं। लेकिन सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार का असल एजेंडा पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार से मुलाकात करना और एनडीए के नेताओं से महत्वपूर्ण चर्चा करना है।
नीतीश कुमार का दो दिवसीय दिल्ली दौरा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 27 और 28 दिसंबर को प्रगति यात्रा स्थगित कर दी थी। उसके बाद सात दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया। इस बीच, नीतीश कुमार 31 दिसंबर को दिल्ली रवाना हुए। यहां वह पहले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त करेंगे और उनके निधन पर शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाएंगे।
एनडीए नेताओं से मुलाकात और योजना पर चर्चा
दिल्ली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं के साथ भी मुलाकात करेंगे। भारतीय जनता पार्टी के साथ उनकी बैठक में बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होगी। पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह के असमंजस वाले बयान के बाद नीतीश कुमार की भविष्य की राजनीति पर चर्चा तेज हो गई थी। इस बयान के बाद एनडीए में एक बार फिर मुख्यमंत्री के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
चार जनवरी से फिर होगी प्रगति यात्रा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 4 जनवरी से गोपालगंज से दूसरे चरण की प्रगति यात्रा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद मुजफ्फरपुर और वैशाली में यात्रा को जारी रखा जाएगा। चार जनवरी से यात्रा के बाकी चरण तय किए गए हैं, जो खरमास के समाप्त होने के बाद पूरे जोर-शोर से होगी।

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