पर्यावरण

नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान की अनूठी पहल:

डिजिटल कला से जागेगी वन्यजीव संरक्षण की अलख

संरक्षण का नया डिजिटल क्षितिज

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

आधुनिक दौर में प्राणि उद्यान केवल मनोरंजन के केंद्र न होकर जैव विविधता, प्रजाति संरक्षण और पर्यावरण शिक्षण के प्रमुख आधार स्तंभ हैं। इसी उद्देश्य को साधते हुए लखनऊ स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान ने आम जनता, युवाओं और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए एक बहु-प्रारूपीय (Multi-Format) डिजिटल प्रतियोगिता की घोषणा की है।

रील्स, मीम्स और डूडल्स के जरिए जनजागरूकता

प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य साधारण भ्रमण को सक्रिय संरक्षण पैरवी में बदलना है। इसके अंतर्गत तीन प्रमुख श्रेणियां रखी गई हैं:

  • वर्टिकल रील्स (Reels): 9:16 फॉर्मेट में वन्यजीवों और उनके संरक्षण पर आधारित लघु संदेशप्रद वीडियो।
  • संरक्षण मीम्स (Memes): हास्य और व्यंग्य के जरिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खतरों व जानवरों को बाहर से भोजन न कराने का संदेश देने वाले सिंगल कैप्शन मीम्स।
  • डूडल्स (Doodles): संकटापन्न प्रजातियों, पारिस्थितिक तंत्र और जीवों के अनुकूलन पर आधारित डिजिटल आर्ट व एनिमेशन।

डिजिटल क्रिएटर्स के लिए तकनीकी छूट और समय-सीमा

प्रतियोगिता में स्मार्टफोन, पेशेवर DSLR या AI कैमरों के इस्तेमाल की पूरी छूट दी गई है। प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियाँ 4 अक्टूबर 2026 तक ईमेल (lucknowzooprograms@gmail.com) या गूगल ड्राइव लिंक के माध्यम से जमा कर सकते हैं। प्रविष्टियों को चिड़ियाघर के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (Lucknow Zoo / zoo_lko) के साथ कोलाबोरेट (Collaborate) करना अनिवार्य है।

8 अक्टूबर को समापन समारोह में सम्मान

प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन वन्यजीव एवं डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों के संयुक्त मंडल द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष तीन विजेताओं को 8 अक्टूबर 2026 को वन्य प्राणि सप्ताह के भव्य समापन समारोह में पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।

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