एविएशन सेक्टर को नई उड़ान: DGCA–गति शक्ति यूनिवर्सिटी समझौता, तैयार होगा स्किल्ड वर्कफोर्स
‘Train in India’ पर फोकस: AME डिग्री से युवाओं को मिलेगा विमानन में बड़ा मौका

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र को नई गति देने के लिए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) और Gati Shakti Vishwavidyalaya (GSV) के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य विमानन इंजीनियरिंग, प्रबंधन और तकनीकी कौशल में युवाओं को प्रशिक्षित कर उद्योग के लिए तैयार कार्यबल विकसित करना है।
इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu ने कहा कि भारत का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि देश कितना मजबूत विमानन विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर पाता है। उन्होंने ‘हवाई चप्पल से हवाई जहाज़’ तक की यात्रा को समावेशी विकास का प्रतीक बताया।
इस MoU के तहत वर्ष 2026-27 से एविएशन मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) में बीएससी डिग्री शुरू की जाएगी। यह कोर्स न केवल तकनीकी ज्ञान देगा, बल्कि उद्योग-आधारित प्रशिक्षण, सिमुलेशन लैब और अप्रेंटिसशिप मॉडल के जरिए व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगा।
सरकार के अनुसार, भारत में अगले 10 वर्षों में 10,000 से 12,000 पायलटों की जरूरत होगी। वर्तमान में देश के पास लगभग 1700 विमानों के ऑर्डर हैं, जो आने वाले वर्षों में बढ़कर 3000 तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित मानव संसाधन की भारी मांग होगी।
रेल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने भी इस पहल को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने GSV को प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर जोर दिया।
यह समझौता नियामक संस्थानों, शिक्षा जगत और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में काम करेगा। DGCA जहां लाइसेंसिंग और मानकों को तय करेगा, वहीं GSV शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग सहयोग के जरिए नई पीढ़ी को तैयार करेगा।
यह पहल न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि देश को वैश्विक MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।



