19 साल में 30 देशों के लिए रॉकेट डिजाइन—प्रखर विश्वकर्मा का ‘VIRAAT SAFE’ बना ग्लोबल चर्चा
टीकमगढ़ का ‘युवा मिसाइल मैन’ अमेरिका में चमका, APS से मिला बड़ा सम्मान

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छोटे से गांव लरौन से निकले 19 वर्षीय प्रतिभाशाली युवा Prakhar Vishwakarma ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन कर दिया है। अमेरिका के डेनवर में American Physical Society द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल फिजिक्स समिट 2026’ में प्रखर को ‘यंगेस्ट पार्टिसिपेंट’ अवार्ड से सम्मानित किया गया।
महज 19 वर्ष की उम्र में प्रखर की उपलब्धियां किसी अनुभवी वैज्ञानिक से कम नहीं हैं। एयरोस्पेस, डिफेंस और स्पेस साइंस जैसे जटिल क्षेत्रों में उनके नाम 300 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन दर्ज हैं। इतना ही नहीं, वे अब तक 30 से ज्यादा देशों के लिए रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट डिजाइनिंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं, जो उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।
इस अंतरराष्ट्रीय समिट में प्रखर ने अपना स्वदेशी डिफेंस प्रोजेक्ट ‘VIRAAT SAFE’ (Virtual Defence System) प्रस्तुत किया, जिसे दुनिया भर के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने सराहा। इसे भविष्य की रक्षा तकनीक के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, वे Indian Space Research Organisation (ISRO) के पंजीकृत ‘स्पेस ट्यूटर’ भी हैं और देश के सैकड़ों युवाओं को रॉकेट्री व एस्ट्रोनॉमी की शिक्षा दे रहे हैं।
प्रखर ‘प्रोजेक्ट रैम’ और स्वदेशी ड्रोन तकनीक पर भी काम कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें प्रदेश में ‘मिसाइल मैन’ के नाम से पहचान मिली है। वर्तमान में वे भोपाल स्थित बंसल इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और उनका सपना भारत को रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और संस्थान के मार्गदर्शकों को दिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।



