वैश्विक फूड चेन तक पहुंचा भारतीय बाजरा, डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिखाया नवाचार का रोडमैप
मैसूर में बाजरा क्रांति को नई रफ्तार, CFTRI में आधुनिक हॉस्टल का शिलान्यास

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
। भारत की पारंपरिक कृषि को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने Central Food Technological Research Institute में प्रशिक्षुओं के लिए 30 एकल अधिभोग हॉस्टल परियोजना का शिलान्यास किया।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि भारतीय तकनीक से विकसित बाजरा आधारित व्यंजन अब McDonald’s जैसी अंतरराष्ट्रीय फूड चेन में परोसे जा रहे हैं, जो भारत की खाद्य तकनीक और नवाचार की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि CFTRI का ‘बाजरा उत्कृष्टता केंद्र’ न केवल अनुसंधान का केंद्र है, बल्कि यह किसानों, स्टार्टअप्स और स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने वाला मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक उत्पाद ‘कलारी’ को भी वैश्विक खाद्य उत्पाद के रूप में विकसित करने की योजना का संकेत दिया।
आरकेवीवाई के तहत बन रहा यह हॉस्टल कॉम्प्लेक्स लगभग 50 प्रतिभागियों के लिए आवासीय सुविधा प्रदान करेगा। इसमें रसोई, भोजन और प्रशिक्षण की आधुनिक व्यवस्थाएं होंगी, जिससे देशभर से आने वाले किसान, एफपीओ और उद्यमी आसानी से प्रशिक्षण ले सकेंगे।
CFTRI का बाजरा केंद्र अत्याधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों से लैस है, जिसमें 300 से 1000 किलोग्राम प्रति घंटा की क्षमता वाली मशीनें शामिल हैं। यह केंद्र बाजरा उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और उन्हें बाजार के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि अब समय है कि वैज्ञानिक नवाचार को प्रयोगशालाओं से निकालकर सीधे किसानों और उद्यमियों तक पहुंचाया जाए। डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्टार्टअप्स के माध्यम से इस तकनीक का व्यापक प्रसार किया जाएगा।
यह पहल न केवल पोषण सुरक्षा बल्कि रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेगी, जिससे भारत की खाद्य अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।



