लखनऊ

श्री निधि सोसाइटी चुनाव घोटाले का खुलासा, फर्जी निर्वाचन हुआ निरस्त

DM के हस्तक्षेप के बाद बड़ा फैसला, पुनः चुनाव कराने के आदेश जारी

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

राजधानी लखनऊ में Shri Nidhi Cooperative Credit Society Ltd से जुड़े चुनावी विवाद में बड़ा खुलासा हुआ है। सहकारिता विभाग द्वारा पंजीकृत इस सोसाइटी के 19-20 सितंबर 2024 को हुए चुनाव को प्रशासन ने अवैध घोषित कर दिया है, जिससे पूरे मामले में “झूठ का पर्दाफाश” और “सच्चाई की जीत” सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, सोसाइटी का पंजीकरण 26 जुलाई 2023 को उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम 1965 के तहत किया गया था और इसका कार्यक्षेत्र पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। लेकिन प्रथम प्रबंध समिति चुनाव में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। बताया गया कि सोसाइटी के सभी 48 सदस्यों को चुनाव की सूचना तक नहीं दी गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए।

सबसे बड़ा विवाद चुनाव स्थल को लेकर सामने आया। सहकारिता विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज आधिकारिक पता बदलकर एक अन्य स्थान पर चुनाव कराने का आरोप लगा। इस कथित हेरफेर को लेकर सदस्यों में भारी नाराजगी देखी गई।

मामले से क्षुब्ध होकर सदस्यों ने District Magistrate Lucknow के समक्ष मध्यस्थ वाद दायर किया। इसके बाद उप-जिला मजिस्ट्रेट, सदर, लखनऊ को मध्यस्थ नियुक्त किया गया, जिन्होंने 30 मार्च 2026 को अपने फैसले में सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर चुनाव को फर्जी और अवैध घोषित कर दिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। साथ ही, सोसाइटी में नए सिरे से निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य प्रवर्तक Jagdish Narayan Bhatt ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल सोसाइटी के सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करेगा, बल्कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत करेगा।

यह मामला सहकारी संस्थाओं में पारदर्शी चुनाव की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है और भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।

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