यहियागंज गुरुद्वारे में शुरू हुआ 40 दिवसीय सुखमनी साहिब पाठ
श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर छबील और लंगर सेवा का आयोजन

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, यहियागंज में आज श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस को समर्पित धार्मिक कार्यक्रमों की भव्य शुरुआत हुई। प्रातः 5:00 बजे से श्री सुखमनी साहिब जी के लड़ीवार पाठ आरंभ किए गए, जो लगातार 40 दिनों तक प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से 7:00 बजे तक आयोजित होंगे।
गुरुद्वारा सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. गुरमीत सिंह के संयोजन में आयोजित यह विशेष पाठ 18 जून को श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर संपन्न होंगे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए लगातार 40 दिनों तक कच्ची लस्सी की छबील एवं गुरु का लंगर भी वितरित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित संगत को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने श्री गुरु अर्जन Dev जी के त्याग, तपस्या और मानवता के लिए किए गए कार्यों को याद किया। बताया गया कि मुगल शासक जहांगीर ने वर्ष 1606 में यासा के नियमों के तहत गुरु अर्जन देव जी को शहीद करने का फरमान जारी किया था। उन्हें गर्म तवे पर बैठाकर यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने सत्य, धैर्य और मानवता का मार्ग नहीं छोड़ा।
संगत को बताया गया कि गुरु अर्जन देव जी का जन्म वर्ष 1563 में पंजाब के गोइंदवाल नगर, जिला तरनतारन में गुरु रामदास जी और माता भानी जी के घर हुआ था। उनकी योग्यता, सेवा भावना और आध्यात्मिक जीवन को देखते हुए गुरु रामदास जी ने उन्हें गुरता गद्दी प्रदान की। गुरु अर्जन देव जी ने मानवता की सेवा, भाईचारे और गुरबाणी के प्रचार-प्रसार के लिए जीवन समर्पित किया।
उन्होंने पहले चार गुरुओं और भक्तों की वाणी को एकत्र कर आदि बीड़ का संपादन किया, जो सिख इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। वक्ताओं ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन आज भी मानवता को प्रेम, सेवा और एकता का संदेश देता है।



