SBI कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, कैंडल मार्च निकालकर बैंक प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा
देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी, कर्मचारियों बोले- ‘बंधन जैसी नौकरी अब नहीं चलेगी’

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
State Bank of India कर्मचारियों ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन करते हुए बैंक प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया। देशव्यापी हड़ताल से पहले आयोजित विरोध कार्यक्रम में कर्मचारियों ने मुख्य शाखा के बाहर नारेबाजी की और कैंडल मार्च निकालकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से दिखाई।
महामंत्री डीके सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कर्मचारियों ने “बैंक मैनेजमेंट हाय-हाय”, “हमारी मांगे पूरी करो”, “बंधन जैसी मजदूरी बंद करो” और “मैनेजमेंट होश में आओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों का आरोप था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है और बैंक प्रबंधन कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रहा।
डीके सिंह ने कहा कि संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, स्थायी पदों पर आउटसोर्सिंग बंद करने, मेडिकल रीइंबर्समेंट योजना में सुधार और पेंशन विसंगतियों को दूर करने जैसी मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 25 और 26 मई को देशभर में हड़ताल की जाएगी।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लगातार स्टाफ की कमी और बढ़ते काम के दबाव के कारण बैंकिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि आउटसोर्सिंग नीति के चलते स्थायी कर्मचारियों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदर्शन के बाद स्टेट बैंक मुख्य शाखा से कैंडल मार्च निकाला गया, जो केडी बाबू सिंह स्टेडियम, डीएम ऑफिस, हिंदी संस्थान और प्रधान कार्यालय होते हुए वापस मुख्य शाखा पर समाप्त हुआ।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने कहा कि यदि 23 मई को उप मुख्य श्रम आयुक्त के साथ होने वाली वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला तो हर हाल में देशव्यापी हड़ताल होगी। कर्मचारियों ने साफ संकेत दिया कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।



