गोंडा में बिजली व्यवस्था ध्वस्त! बीजेपी विधायक ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
भीषण गर्मी में जनता बेहाल, अंधेरे में डूबे गांव-शहर; सरकार की व्यवस्थाओं पर फूटा गुस्सा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने अब सरकार की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गोंडा सदर से भाजपा विधायक Prateek Bhushan Singh द्वारा ऊर्जा मंत्री को लिखा गया पत्र इस बात का संकेत माना जा रहा है कि हालात अब नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं। विधायक ने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जनता बिजली कटौती से त्राहिमाम कर रही है और हालात इतने खराब हैं कि लोग रात में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए।
भीषण गर्मी, अघोषित कटौती और घंटों बिजली गायब रहने से आम लोगों का जीवन नारकीय बन गया है। गांवों में पंखे बंद हैं, पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है और छोटे व्यापारियों का कारोबार चौपट हो रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी हालात अलग नहीं हैं। लगातार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रदेश में करोड़ों रुपये बिजली सुधार के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं, तो फिर जनता को राहत क्यों नहीं मिल रही? विधायक ने खुद माना कि विभाग ओवरहीटिंग, टूटे तार और तकनीकी खामियों से जूझ रहा है। इससे साफ है कि बिजली विभाग भीषण गर्मी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं था।
प्रतीक भूषण सिंह ने अपने पत्र में सरकार से “इमरजेंसी मैकेनिज्म” लागू करने की मांग की है, जिससे रात के समय कटौती कम हो सके। राजनीतिक जानकार इसे सरकार की अंदरूनी असंतुष्टि का बड़ा संकेत मान रहे हैं। विपक्ष पहले ही बिजली संकट को लेकर सरकार को घेर रहा था, लेकिन अब सत्ताधारी दल के विधायक का खुलकर सामने आना सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
गोंडा में जनता का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। लोग सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर “24 घंटे बिजली” के दावों का सच क्या है? अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में जनआक्रोश और तेज हो सकता है।



